भारत-पाकिस्तान सीमा पर करंट लगने से जनपद कासगंज निवासी बीएसएफ जवान की मौत के बाद उनका शव रविवार को उसके गांव कल्यानपुर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सैकड़ों लोग सैनिक को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़े। प्रशासन और पुलिस के अफसरों के साथ नेताओं ने जवान को श्रद्धांजलि दी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव कल्यानपुर निवासी रामसेवक पचौरी पुत्र राधेश्याम पचौरी सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) की 181 पंजाब बटालियन में तैनात थे। शुक्रवार को भारत-पाक की सीमा पर फाजिल्का पर मुस्तैदी के दौरान बिजली करंट लगने से उनकी मौत हो गई। जवान के तीन अन्य साथी भी झुलस गए थे।
रविवार को बीएसएफ 181 पंजाब बटालियन के इंस्पेक्टर नवराज सिंह के नेतृत्व में सेना की टुकड़ी जवान का शव लेकर गांव कल्यानपुर पहुंची। यहां अंतिम दर्शन के लिए शव को रखा गया। सदर विधायक देवेंद्र राजपूत, तहसीलदार अजय कुमार, कोतवाली प्रभारी दिनेश दुबे समेत गांव और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण भी जवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।