पूरी कीमत देने पर भी लोगों को मिलावटी सामान मिल रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में दूध, खोआ, मसाले, घी समेत तमाम खाद्य सामग्री मिलावटी पाई गई। हालत यह है कि जांच में हर दूसरा नमूना फेल है।
सबसे ज्यादा दूध निर्मित खाद्य सामग्री के नमूने फेल पाए गए हैं। एफएसडीए ने 2018-19 में 738 नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली। इसमें से 298 अधोमानक (तय मानक से कम मिली गुणवत्ता) मिले। इनमें घटिया सामग्री का उपयोग किया गया।
16 नमूने ऐसे रहे, जिनके पैकैट पर की गई घोषणाएं सहीं नहीं पाई गई। इनमें से सबसे 47 नमूने ऐसे रहे, जिनका उपयोग जीवन के लिए असुरक्षित बताया गया। इनमें नमकीन और दूध निर्मित सामग्री के मामले ज्यादा रहे।
जिला अभिहित अधिकारी मनोज वर्मा ने बताया कि लोगों को मिलावट की पहचान करने और विभाग में शिकायत करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। टोल फ्री नंबर के साथ 25 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नंबर भी जारी किए हैं। न्याय निर्णयन अधिकारी के यहां फेल नमूनों के मुकदमा चल रहे हैं।
मिलावटी खाद्य सामग्री से तंत्रिका तंत्र: डॉ. पीके माहेश्वरी
वरिष्ठ न्यूरोफिजीशियन डॉ. पीके माहेश्वरी बताते हैं कि खाद्य सामग्री में खतरनाक कैमिकल, रंग समेत अन्य की मिलावट का असर दिमाग पर असर डालता है। इससे नस कमजोर होती हैं, इससे हाथ-पैर में झनझनाहट, भूख न लगना, थकान, मिर्गी का दौरा आने का खतरा रहता है। लंबे समय तक उपयोग से तंत्रिका तंत्र प्रभावित होने लगता है।
मिलावट पर यहां करें शिकायत
टोल फ्री नंबर: 18001805533
अब तक की बड़ी कार्रवाई
24 अक्तूबर : जय शिव इंटरनेशनल के दो गोदामों से 4720 किलो मिलावटी घी सीज किया। यहां भट्टियां भी मिली।
23 अक्तूबर : सिंघल ट्रेडर्स बोदला से मिलावट की आशंका पर 59 किलो सरसों का तेल जब्त किया।
18 अक्तूबर : शांतिव्रत इंड्रस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड गुलाब नगर यमुनापार में 60 हजार रुपये की नमकीन और पोहा सीज किया।
25 अक्तूबर : शाहगंज स्थित टेकचंद नमकीन के गोदाम से 31 हजार की नमकीन के अलावा 1575 किलो पाम आयल जब्त किया।
11 अगस्त : करियप्पा रोड से वाहन में ले जाते हुए 30 किलो खोआ और ड्रम भरे दूध को नष्ट कराया।
2018-19 में नमूनों की रिपोर्ट का विवरण
738: नमूनों की आई रिपोर्ट
361: नमूने जांच में हुए फेल
298: नमूने अधोमानक पाए गए
47: नमूने सेहत के लिए खतरनाक
16: नमूने मिथ्याछाप पाए गए