एफएसडीए की टीम ने 10 क्विंटल पनीर नष्ट कराया।
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खाद्य पदार्थों की आड़ में सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। सेहत के लिए फायदेमंद माने जाने वाले पनीर के स्थान पर बीमारियां परोसी जा रही हैं। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कैंट चाैराहे पर छापेमारी के दाैरान लोडर वाहन से बाजार में बिकने जा रहे 800 किलाे पनीर को पकड़ा। ड्रमों में भरे पनीर में मरे हुए मक्खी-मच्छरों के अलावा भयंकर दुर्गंध आ रही थी। टीम ने मिलावट की आशंका पर पनीर को नष्ट कराया। इसकी कीमत करीब 1.76 लाख रुपये थी।
खाद्य सुरक्षा सुरक्षा टीम ने सुबह 4 बजे कैंट चौराहे पर छापेमारी कर लोडर वाहन को रोका। इसमें 5 ड्रम में आठ क्विंटल पनीर मिला। इसमें मरे हुए मक्खी और मच्छर मिले। पनीर से भी भयंकर दुर्गंध आ रही थी। जांच में वह अशुद्ध मिला। वाहन चालक ने पूछताछ में बताया कि धौलपुर स्थित रीको इंडस्ट्रियल एरिया में पनीर बनाने का प्लांट है। इस पनीर को आगरा में बेचा जाता है। उसके पास कोई खाद्य लाइसेंस नहीं था। पनीर का परिवहन नियंत्रित तापमान में किया जाता है, लेकिन यहां ड्रमों में भरकर आपूर्ति की जा रही थी।
सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र ने बताया कि मिलावट की आशंका पर 800 किलो पनीर को नष्ट कराया है। यह जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक था। जांच के लिए नमूने एकत्र किए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वहीं, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले 5000 लीटर दूध पकड़ा जा चुका है। मिलावट की आशंका पर उसे भी नष्ट कराया गया था।