कागारौल के नगला हीरासिंह में एफएसडीए ने मिलावट की आशंका पर दो डेयरियों में छापेमारी कर 100 किलो मक्खन और 180 किलो देसी घी जब्त किया। दूध, घी, मक्खन, पनीर और पामोलीन ऑयल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
आगरा के कागारौल थाना क्षेत्र के गांव नगला हीरासिंह में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने बुधवार को ग्रामीणों की सूचना पर दो डेयरियों पर छापा मारकर 100 किलो मक्खन, 180 किलो देसी घी जब्त कर लिया। मिलावट की आशंका पर दूध, पनीर, घी, मक्खन और पामोलीन रिफाइंड ऑयल के पांच नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
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बुधवार को ग्रामीणों ने एक टेंपो से डेयरी पर पामोलीन रिफाइंड ऑयल उतरते देखा। मिलावट की आशंका होने पर उन्होंने 112 पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचना दी। सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव के निर्देशन व खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय वर्मा के नेतृत्व में टीम खान डेयरी व मेहबूब डेयरी पर पहुंची और जांच की। टीम ने मिलावट की आशंका पर खान डेयरी से दूध, घी, मक्खन और पामोलीन रिफाइंड ऑयल के चार नमूने तथा मेहबूब डेयरी से पनीर का एक नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
टीम ने दोनों डेयरी से लगभग 100 किलो मक्खन और 180 किलो देसी घी, लगभग 225 किलो पामोलीन रिफाइंड ऑयल जब्त कर खाद्य कारोबारी की सुपुर्दगी में दे दिया। टीम ने बताया मक्खन बाजार में 350 प्रति किलो और देसी घी 600 प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा था। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय वर्मा, राकेश कुमार यादव, रविंद्र कुमार परमार और राकेश कुमार शामिल रहे।
दूसरी बार छापे से गुणवत्ता पर सवाल
उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई को भी लखनऊ से आई एफएसडीए की टास्क फोर्स ने इन्हीं दोनों डेयरियों पर छापा मारकर दूध और घी के नमूने लिए थे। करीब 10.5 क्विंटल घी भी जब्त किया था। दोबारा हुई कार्रवाई ने डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।