दिवाली से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ एफएसडीए ने अभियान शुरू कर दिया है। एफएसडीए की टीम ने निर्माण इकाइयों पर छापा मारा। दूध, खोआ, तेल के भी नमूने भरे गए हैं।
आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने दिवाली पर मिलावटी सामान व मिठाई खपाने की तैयारी कर रहे विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों में छापा मारा है। टीम ने घटिया और मिलावटी 421 किलो सोनपपड़ी और रंगीन पेठा नष्ट कराया। ये गंदगी में बन रही थीं। 91 किलो रिफाइंड और मैदा भी जब्त किया गया है। इनकी कीमत 93 हजार रुपये है।
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सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि झरना नाले यमुनापार स्थित सोनपपड़ी निर्माण इकाई पर छापा मारा। संचालक विक्रम मिले। सोनपपड़ी घटिया प्रतीत होने पर 273 किलो नष्ट कराई। इसकी कीमत 27,300 रुपये है। मिलावट की आशंका पर 6450 रुपये कीमती 43 किलो रिफाइंड सोयाबीन और 1440 रुपये कीमत 48 किलो मैदा भी जब्त की है।
यमुनापार नई आबादी सुशील नगर में बलवीर सिंह की सोनपपड़ी निर्माण इकाई में भी घटिया और मिलावटी सोनपपड़ी बन रही थी। इस पर 58 किलो सोनपपड़ी नष्ट कराई है। इसकी कीमत 58 हजार रुपये थी। केके नगर सिकंदरा में लक्ष्मण सिंघल के पेठा प्रतिष्ठान पर छापा मारकर 90 किलो रंगीन पेठा नष्ट कराया है। इसमें तय मात्रा से अधिक रंग और सिंथेटिक रंग प्रतीत हो रहा था। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई नहीं थी। नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे हैं।
दूध, खोआ, पनीर के लिए 29 नमूने
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि चार टीमों ने शहर और देहात में विशेष अभियान चलाकर 29 नमूने जुटाए हैं। इसमें दूध, पनीर, खोआ, सरसों का तेल, बर्फी, बेसन का लड्डू, छेना समेत अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट में नमूना फेेल मिलने के बाद विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। मिलावट की टोल फ्री नंबर (18001805533) पर शिकायत कर सकते हैं।