आगरा के ताजगंज श्मशान घाट में चिता लगाने वाले समशुद्दीन की हत्या उसके ही सहकर्मी ने फावड़े से की थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को इसका खुलासा कर दिया। दोनों में शराब के लिए विवाद हुआ था। पुलिस ने पूछताछ पूरी होने के बाद उसे जेल भेजा।
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श्मशान घाट में 4 अक्तूबर की रात समशुद्दीन की हत्या की गई थी। भाई बदरुद्दीन ने ताजगंज थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि समशुद्दीन और हिमांशु दोस्त थे। दोनों श्मशान में चिता सजाने का कार्य करते थे। चिता के पैसे को लेकर अक्सर उनमें विवाद होता रहता था। पर, बाद में समझौता हो जाता था।
इस बार शराब के 9 पौवे में बंटवारे में विवाद हुआ तो हिमांशु ने समसुद्दीन की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने फावड़े को झलकारीबाई चौराहे के पास छिपा दिया था। पुलिस ने हिमांशु की निशानदेही पर उसे बरामद किया।