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78 शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए अंतिम नोटिस तैयार

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मैनपुरी। आखिरकार फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई अंतिम दौर में पहुंच गई है। जिला समिति के निर्णय के बाद फर्जी शिक्षकों को एक और नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है। नोटिस तैयार करने का कार्य बीएसए कार्यालय में तेजी से किया जा रहा है। माना जा रहा है कि सोमवार देर शाम तक 78 शिक्षकों को बर्खास्तगी का अंतिम नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
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जिला समिति ने एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए शिक्षकों के अभिलेखों की शासन के निर्देश के बाद फिर से गहनता से जांच की। विभाग किसी भी प्रकार की खामी नहीं छोड़ना चाहता है, जिससे फर्जी शिक्षकों को कोर्ट आदि से किसी प्रकार का मौका मिल सके।
इसे देखते हुए अब जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय के नेतृत्व वाली समिति ने बीएसए को निर्देश दिए हैं कि फर्जी शिक्षकों को वे अपने स्तर से बर्खास्तगी का अंतिम नोटिस जारी करें। बीएसए ने अपनी देखरेख में बर्खास्तगी नोटिस जारी करने का कार्य तेजी से शुरू करा दिया है। गोपनीय स्थान पर पिछले दो दिनों से नोटिस तैयार कराए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि सोमवार को 78 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्तगी नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।
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तीन पहले ही हो चुके हैं बर्खास्त
बीएसए कार्यालय के अनुसार एसआईटी की सूची में 81 फर्जी शिक्षक शामिल हैं। इनमें से तीन को पूर्व बीएसए रामकरन आनंद बर्खास्त कर गए थे। उनके बीएड के साथ ही अन्य अभिलेख भी फर्जी थे।
फर्जी शिक्षकों की शीघ्र बर्खास्तगी होगी। जिला समिति के निर्देश पर उन्हें एक बार फिर से बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है। इसके बाद फर्जी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। विभाग किसी प्रकार की खामी नहीं छोड़ना चाहता है, इसलिए एक और नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।
-विजय प्रताप सिंह, बीएसए।
फर्जी शिक्षकों पर अब तक की गई कार्रवाई
वर्ष 2017 में एसआईटी ने फर्जी शिक्षकों की सूची जिले में भेजी। सूची जांच के बाद नवंबर 2017 में 81 शिक्षकों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया। शिक्षकों का वेतन भी रोक दिया गया। फरवरी 2018 में फिर से इन शिक्षकों को अंतिम बर्खास्तगी नोटिस जारी किया गया। अंतिम बर्खास्तगी नोटिस मिलने के बाद शिक्षक हाईकोर्ट चले गए और उस पर स्टे मिल गया और वेतन जारी कर दिया गया।
जून 2019 में सरकार ने फर्जी शिक्षकों को बाहर करने के निर्देश दिए। इसके बाद फिर से कार्रवाई शुरू हुई। जुलाई 2019 में बीएसए ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को सूची सत्यापन के लिए भेजी। जब कोई जवाब नहीं मिला तो अगस्त 2019 में खंड शिक्षाधिकारी शंकरदयाल नामदेव को सूची के सत्यापन के लिए विश्वविद्यालय भेजा गया।
फिर भी विश्वविद्यालय ने जानकारी नहीं दी। इसके बाद 16 सिंतबर को मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन के प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी को फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए पत्र लिखा। इसके बाद फिर से शिक्षकों की बर्खास्तगी की कार्रवाई चल रही है। एक और नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है।
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