बाबा इच्छाधारी हैं, मर्जी से कोई भी रूप धारण कर सकते हैं।
हकीकत : बाबा मनुष्य हैं, कमरे में बंद हो साधना करते हैं।
प्रचार - 2
बाबा के पास दैवी शक्ति वाली गाय है, जो बिना दुहे दूध देती है।
हकीकत : उन्नत नस्ल की गाय तो है, दैवी शक्ति जैसी बात नहीं।
प्रचार - 3
बाबा के पास एक कुत्ता है, जो महिला सांसद ने भेंट किया है।
हकीकत : बाबा स्वीकार करते हैं कि कुत्ता किसी ने नहीं दिया।
प्रचार - 4
बाबा के पास एक लाख गाये हैं, जो विभिन्न जगहों पर रखी गई हैं।
हकीकत : बाबा के पास लगभग 500 गायें, तीन घोड़े, तीन कुत्ते हैं।
जड़ी-बूटियों और फल-सब्जियों के मिश्रण को चमत्कारी दवा बताकर लाइलाज बीमारियों तक के इलाज का दावा कर रहे 29 साल के शिवशक्ति बाबा भुड़कनाथ उर्फ मनोज कुमार यादव की शान में ऐसा भ्रमजाल रचा गया है कि पढ़े-लिखे लोग भी खिंचे चले आ रहे हैं। चेलों में कोई बाबा को इच्छाधारी बताता है तो कोई उनकी गाय में दैवी शक्ति। कोई कह रहा, बड़े-बड़े नेता बाबा के शिष्य हैं। हालांकि हकीकत इन दावों से इतर है।
एक सप्ताह पहले ककरैठा गांव के मंदिर में 41 दिन के लिए डेरा जमाने वाले बाबा का प्रचार तंत्र जबरदस्त है। लोग बताते हैं कि उनके आने से पहले ही चेलों की टीम ने गांव-गांव जाकर चमत्कारी दवा के किस्से सुनाए। पंफलेट भी बांटे गए। गांवों के असरदार लोगों की मदद भी ली गई। नतीजा, बाबा के आते ही भीड़ जुटने लगी। इधर ककरैठा पहुंचते ही बाबा ‘मौन’ हो गए। छह दिन कुछ नहीं बोले। दोपहर 12 से चार के बीच किसी को दर्शन नहीं दिए। इस बीच चेले बेपर की उड़ाते रहे। ‘बाबा इच्छाधारी हैं, दोपहर को नाग का रूप धर लेते हैं। सुबह अपने हाथ से दूध पिलाते हैं। यह भी कि बाबा की गाय के थनों से बगैर दुहे ही दूध निकलता रहता है, आदि-आदि।’ बाबा के मौन से भ्रमजाल मजबूत हुआ और अंधआस्था की बयार चल पड़ी। हालांकि मीडिया के सामने बाबा ने स्वीकारा कि न तो वे इच्छाधारी हैं और न ही उनके पास कोई चमत्कारी गाय है। यह भी माना कि कोई बड़ा नेता उनका शिष्य नहीं। महिला सांसद से भेंट कुत्ता मिलने से भी वे मना करते हैं।
दूध की जगह बांटी गई खीर
सोमवार को बाबा ने दवा देने का तरीका बदल दिया। पहले छह दिन अपने हाथों से दवा पिला रहे थे। सुबह को दूध पिलाया जा रहा था। सोमवार को सुबह दूध की जगह खीर दी गई। दवा इसमें ही मिलाकर दी गई।
कार्यक्रम की जांच होगी : डीएम
जिलाधिकारी पंकज कुमार ने कहा है कि वहां मंदिर है, इसे बंद नहीं कराया जा सकता, लेकिन बाबा के कार्यक्रम की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।