आगरा-ग्वालियर रोड पर गांव बाद में अंग्रेजों के जमाने की खंडहर कोठी के आसपास बंजर पड़ी जमीन आज युवाओं के सपने को हकीकत में बदलने वाला स्थान बन गई है। इस जमीन पर नौ साल पहले क्षेत्र के युवाओं ने अपने हाथों से रनिंग ट्रैक तैयार किया था। तब शुरू हुआ यह प्रयास आज भर्ती की तैयारी करने वाले सैकड़ों युवाओं का सहारा बन चुका है।
सुबह होते ही यहां सैकड़ों युवा दौड़ते दिखते हैं। किसी का सपना फौजी बनना है। कोई पुलिस और अर्धसैनिक बल में जाने के लिए पसीना बहा रहा है। खास बात यह है कि अब बेटियां भी लड़कों के साथ इसी ट्रैक पर दौड़कर शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
गांव बाद का यह रनिंग ट्रैक किसी सरकारी योजना से तैयार नहीं हुआ। कुछ साल पहले क्षेत्र के युवाओं ने मिलकर करीब 40 दिन की कड़ी मेहनत से बंजर जमीन को समतल कर इसे तैयार किया था।
युवाओं की मेहनत से तैयार हुआ यह ट्रैक धीरे-धीरे आसपास के गांवों के युवाओं के लिए भर्ती की तैयारी का प्रमुख केंद्र बन गया। इसमें शमसाबाद, सैंया, बरौली अहीर, अकोला ब्लॉक के करीब 15 से अधिक गांवों के युवा रोजाना सुबह-शाम पहुंचते हैं। यहां अभ्यास करने वाले तमाम युवा विभिन्न सुरक्षा बलों में चयनित होकर सेवाएं भी दे रहे हैं।
साकार हुए इनके सपने
बीते एक साल में क्षेत्र के युवाओं ने पुलिस, अर्धसैनिक बल एवं सेना के साथ अन्य नौकरियों में सफलता हासिल की है। यहां दौड़ लगाने वाले कुठावली गांव के प्रीतम, नगला शीशियां के लवकुश कुशवाह, इटौरा के अजीत ठाकुर, ककुआ गांव के हरेंद्र, घड़ी के योगेश कुशवाह, बाद गांव के मनीष चाहर, तोंडरा के शुभम, अभिषेक चाहर, कैलाश,अमित चाहर, पुष्पेंद्र सिंह, आलोक सिंह, रवि कुशवाहा, नरेश झा, विवेक सिंह, जतिन, इकबाल खान, अरुण चाहर, शिवा आदि युवाओं ने नौकरी प्राप्त की है।
इनकी चल रही तैयारी
- मैं यूपी पुलिस की शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। लक्ष्य पाने के लिए नियमित अभ्यास जरूरी है। - रूबी, गांव शाला, इरादतनगर।
- ऑर्डिनेंस विभाग में भर्ती के लिए फिजिकल की तैयारी कर रहा हूं। कई लड़कों के साथ मिलकर दौड़ लगाने से प्रतिस्पर्धी माहौल मिलता है। -ललित शर्मा, गांव बाद