विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के तहत विद्यार्थियों ने एआई से लेकर सिलाई तक तकनीकी और पारंपरिक हुनर का प्रदर्शन किया। 8000 प्रशिक्षित विद्यार्थियों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 50 छात्रों को प्रमाणपत्र दिए गए और एआई के प्रभावों पर चर्चा हुई।
विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के तहत आयोजित कार्यक्रम में सोमवार को विद्यार्थियों ने तकनीक से लेकर पारंपरिक हुनर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के बनाए प्रोजेक्ट देख जिलाधिकारी मनीष बंसल ने उनकी सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट और सीखी गई गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम में प्रशिक्षण लेने वाले करीब 8000 विद्यार्थियों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 50 विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।
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सोमवार को खंदारी स्थित जेपी सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीएम ने शिक्षकों से पूछा कि वे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं। शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं विद्यार्थियों द्वारा एआई का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करने पर डीएम ने उनकी सराहना की। 11वीं के छात्र राज ने केमिस्ट्री से संबंधित प्रोजेक्ट तैयार किया था। डीएम ने प्रोजेक्ट देखकर तारीफ की।
इस दौरान एआई के अच्छे और खराब प्रभावों को लेकर शिक्षकों के साथ चर्चा भी हुई। कुछ शिक्षकों ने एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई। जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र पाल तोमर ने बताया गया कि विद्यार्थियों के लिए यह प्रशिक्षण कोड योगी फाउंडेशन की ओर से 13 मई से शुरू हुआ था। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीक, कौशल, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, डीआईओएस द्ववीतय वीपी सिंह, जिला समन्वयक डब्ल्यू एन मिडिल आदि उपस्थित रहे।