मैनपुरी। ग्राम पंचायत पतारा के प्रधान व सचिव ने इंटरलॉकिंग सड़क बनाने के नाम पर 8.42 लाख का घोटाला कर दिया। जांच में मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने प्रधान के अधिकार सीज करने के लिए नोटिस जारी किया है।
एक शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत पतारा में दो सदस्यीय समिति गठित कर जांच के आदेश दिए थे। जांच समिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग करहल को शामिल किया गया था। गांव में जाकर समिति ने जब विकास कार्यों की जांच की तो सामने आया कि प्रधान संध्या देवी और सचिव ने इंटरलॉकिंग गली निर्माण के नाम पर लाखों की धनराशि खाते से निकाल ली, लेकिन काम नहीं करवाया। समिति ने 8.42 लाख रुपये का गबन साबित हुए।
इसकी रिपोर्ट समिति ने मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया को सौंपी थी। सीडीओ की संस्तुति पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने प्रधान संध्या देवी को पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत अधिकार सीज करने के लिए नोटिस जारी किया है। प्रधान को 15 दिन में साक्ष्य सहित नोटिस का जवाब देना होगा। जवाब न देने या फिर साक्ष्य उपलब्ध न कराने पर प्रधान के अधिकार सीज कर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।
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प्रधान और सचिव से होगी रिकवरी
पतारा में किए गए घोटाले की धनराशि की रिकवरी कराने के भी आदेश जिलाधिकारी ने जारी किए हैं। जवाब आने के बाद प्रधान और सचिव से आधी-आधी धनराशि की रिकवरी की जाएगी। प्रधान को 4.21 लाख और सचिव को 4.21 लाख रुपये की धनराशि जमा करनी होगी।
ये था मामला
ग्राम पंचायत पतारा के गांव दूंदपुर निवासी आनंद बिहारी और प्रदीप चौहान ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसमें उन्होंने ग्राम प्रधान संध्या देवी पर विकास कार्यों में लाखों की धनराशि के फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए लिखा था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी की संस्तुति के बाद जिलाधिकारी ने पतारा प्रधान को धारा 95 जी के तहत नोटिस जारी किया है। 15 दिन में साक्ष्य सहित जवाब न देने पर अधिकार सीज किए जाएंगे। स्वामीदीन, डीपीआरओ।