मोहर्रम पर निकाले गए जुलूस: आगरा में गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिये
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ताजनगरी आगरा में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर ताजिये जुलूस निकाले गए। शहरी क्षेत्र सहित छोटे कस्बों में भी जुलूस निकले। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तिराहे-चौराहों पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा। पुलिस ने असामाजिक तत्वों को पहले ही चेता दिया था। अराजकता करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। मोहर्रम के चलते शहर में रूट डावयर्जन व्यवस्था भी लागू की गई।
कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिये
पिनाहट कस्बा में जुलुस के साथ ताजिया निकाला गया। जगह-जगह लोगों ने ताजिया में शामिल लोगों का स्वागत किया। सबसे पहले लोग कस्बा के चांदनी चौक में एकत्रित हुए। यहां से ताजिया उठाया गया और जुलूस आगे बढ़ा। कस्बा के मोहल्ला मार होते हुए करतब दिखाते जुलूस में शामिल लोग आगे बढ़े। शाम को नहर के पास कर्बला पहुंचे। यहां ताजिये को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात रहा।
जलसे का हुआ आयोजन
फतेहाबाद कस्बा में हमेशा की तरह इस्लामिक तारीख नौ को हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजिया बनाकर रखा गया। इसमें कस्बा निवासी लोगों ने जियारत कर दुआएं मांगी। वहीं कस्बा के मोहल्ला चौराहा में हाफिज रेहान रजा मुस्तफाई के नेतृत्व में जलसे का आयोजन किया गया। इसमें मोहल्ले के अलावा आसपास के गांव के लोगों ने शिरकत की। शरबत पिलाकर आए हुए लोगों का स्वागत किया गया। शनिवार को दसवें दिन ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल लोग करतब दिखाते हुए सदर बाजार, गांधी चौक, अंबेडकर चौक से आगरा रोड, अवंती विहार होते हुए कर्बला पहुंचे। यहां ताजिया सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
तलवारबाजी का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
प्रशासन ने ताजिया जुलूस में तलवारबाजी को प्रतिबंधित किया था। इसके बाद भी फतेहाबाद कस्बा में जुलूस में तलवारबाजी का अखाड़ा साथ-साथ चला। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा। इसका वीडियो भी सामने आया है। एसीपी आनंद कुमार पांडे ने कहा कि तलवारबाजी प्रतिबंधित थी। यदि इस तरह का कोई प्रदर्शन हुआ है तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
सैंया में भी गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिये
सैंया कस्बा में इमामबाड़ा में रखे गए ताजिया को इबादत के बाद उठाया गया। यहां से उठाकर सबसे पहले गांव में भ्रमण किया गया। इस दौरान जगह-जगह जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया गया। रास्ते में शरबत पिलाया गया। जुलूस में आगे-आगे मुस्लिम युवा करतब दिखाते हुए चल रहे थे। पीछे ताजिया उठाकर लोग आगे बढ़ रहे थे। शाम छह बजे ताजिये को कर्बला में दफन कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।