अमर उजाला अखबार पढ़तीं रानी सरोज गौरिहार
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आगरा में स्वतंत्रता सेनानी रानी सरोज गौरिहार का निधन रविवार सुबह हो गया। उनके निधन से शहर में शोक की लहर दौड़ गई। 92 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी नागरी प्रचारिणी सभा की सभापति होने के साथ ही शहर की कई सामाजिक व साहित्यिक संस्थाओं से जुड़ीं थीं। अमर उजाला से उनका गहरा नाता रहा।
साहित्य से भी रहा जुड़ाव
रानी सरोज गौरिहार ने स्वाधीनता आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया था। उनका साहित्य से भी गहरा जुड़ाव था। नागरी प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने साहित्य के लिए भी कार्य किया। वह सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहती थीं।
उनका जन्म जगन प्रसाद रावत और सत्यवती रावत के घर में हुआ था। स्वाधीनता आंदोलन में वे वर्ष 1943 में एक वर्ष तक जेल में रहीं। रविवार सुबह 4:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद उनके आवास पर लोग पहुंचना शुरू हो गए। शाम को ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ।