इन लोगों ने जमा की थी रकम
आरोपियों ने बार-बार पैसा लगाने के लिए उकसाया तो स्वर्ण सिंह ने 5 अक्तूबर 2019 से 6 फरवरी 2020 तक 19 लाख 30 हजार रुपये स्कीम में लगाए और 16 लाख 50 हजार रुपये कर्ज के रूप में दे दिए। वहीं संजीव कुमार ने 22 अक्तूबर 2019 से 6 फरवरी 2020 तक 17 लाख रुपये स्कीम के लिए और 3 लाख रुपये कर्ज के लिए और मनोज सिंह ने इसी अवधि में 10 लाख रुपये स्कीम के लिए व 9 लाख रुपये कर्ज के रूप में राहुल के घर पर दिए।
ठगी के मामले में राहुल और विकास के अलावा खुद को अकाउंटेंट बताने वाला हेमंत यादव पुत्र गजराज निवासी शास्त्री नगर कृष्णानगर, सीएमडी बताने वाला मनोज सेंगर निवासी राधापुरम और डायरेक्टर बताने वाला कौशल यादव पुत्र केशर यादव निवासी शास्त्री नगर, स्थायी निवासी यादव नगर लिबासपुर नई दिल्ली भी शामिल था। तीनों पीड़ित साथ में ही रुपयों को देने इनके घर जाते थे।
कुछ समय बाद इन्हें ठगी का पता चला कि ये आरोपी इसी प्रकार स्कीम का झांसा लेकर ठगी करते आ रहे हैं तो पीड़ितों के पैरों तले जमीन खिसक गई। इन तीनों सेवानिवृत्त सैनिकों से आरोपियों ने कुल 74 लाख 80 हजार रुपये धोखाधड़ी कर हड़प लिए। जिसकी रिपोर्ट थाना हाईवे में दर्ज कराई गई थी।
एसपी सिटी ने बताया कि एसएचओ अनुज कुमार ने इस मामले में फरार चल रहे मनोज कुमार सेंगर पुत्र स्व. ओमपाल निवासी 60 सेक्टर-2 राधापुरम स्टेट को पुलिस ने बल्देवपुरी महोली रोड से गिरफ्तार किया है। इस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
नौकरी लगवाकर दो महीने तक दी तनख्वाह
बताया गया कि आरोपियों ने स्वर्ण सिंह, संजीव कुमार और मनोज सिंह को आर्मी से रिटायर्ड होने के बाद पीएसओ के पद पर अक्तूबर 2019 में नियुक्त कर उनका मासिक वेतन भी निर्धारित कर दिया था। इस दौरान तीनों रिटायर्ड फौजियों को दो माह का वेतन भी राहुल और विकास ने दिया था जिससे यह लोग झांसे में आ जाएं और अपनी योजना में कामयाब हो सकें।