एक महीने पहले पीड़ित युवती के पास एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी आए। उन्होंने बताया कि आपके नाम पर 1.20 लाख रुपये का लोन है। चार महीने से किस्त जमा नहीं की जा रही हैं। लोन में उसका आधार कार्ड, बैंक एकाउंट नंबर, घर के पते की जानकारी दी गई थी।
इस रकम से सदर के एक इलेक्ट्रानिक शोरूम से चार एसी खरीदे गए थे। जब युवती ने लोन लेने के दौरान लैपटॉप से खिंचा फोटो देखा तो वह नोएडा में रहने वाली उसकी सहेली की बहन का निकला। इस पर पीड़ित ने थाना हरीपर्वत में शिकायत की।