पुलिस ने हैलो गैंग के तीन सरगना और छह सदस्यों को किया गिरफ्तार
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ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट, माल भाड़ा, मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के नाम पर दस राज्यों के 500 से अधिक लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी करने वाले हैलो गैंग के तीन सरगना और छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
लोगों से ठगी करने के लिए गैंग के लोग जस्ट डायल, ओएलएक्स, ई ट्रक आदि पर रजिस्ट्रेशन कराते थे। लोगों को आधे से कम भाड़ा बताकर एडवांस के रूप में रकम खातों में जमा कराकर सिम बंद कर लेते थे। गैंग के दो सरगना स्नातक और एक इंटर पास है।
ताजगंज क्षेत्र निवासी रघुवीर सिंह जादौन ने पिछले साल असोम से कोयला मंगाने के लिए इंटरनेट पर ट्रांसपोर्ट कंपनी का नंबर देखा था। कॉल करने पर कम कीमत में कोयला ट्रक से भेजने की बात कही गई। इसके बाद खाते में 1.11 लाख रुपये जमा करा लिए गए। मोबाइल नंबर बंद कर लिया गया। मामले की शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम सेल में जांच हुई।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराकर ठगी करने वाले गैंग के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गैंग के सरगना आदेश सिंह, रिषभ और प्रेम सिंह हैं। गैंग जैतपुर के बीहड़ से संचालित किया जा रहा था। गैंग के सदस्य और सरगना अलग-अलग नाम से ट्रांसपोर्ट कंपनी दर्शाकर आनलाइन वेबसाइट और एप पर रजिस्ट्रेशन कराते हैं।
ट्रांसपोर्टर और लोग माल भेजने के लिए कॉल करते थे तो आधे से भी कम भाड़ा बताते थे, जिससे लोग झांसे में आ जाते थे। इसके बाद खाते में रकम जमा कराने के बाद आरोपी सिम बंद कर लेते थे। गैंग एक साल में 500 लोगों को शिकार बना चुका है। इनके पास से बरामद रजिस्टर से 70 लाख की ठगी की जानकारी मिली है। अभी अन्य बैंक खातों की जानकारी निकाली जा रही है। पिछले दस दिन में गैंग ने दस लाख रुपये खातों में जमा कराए।
इनकी हुई गिरफ्तारी
जैतपुर कला के गांव गढ़वार निवासी आदेश सिंह, हरेंद्र, नरायच निवासी रिषभ, पिनाहट के नया बांस निवासी प्रेम सिंह, मथुरा के मांट निवासी मुनेंद्र, कासगंज निवासी सचिन सोलंकी, एत्माद्दौला निवासी दुर्गेश कुमार, बाह निवासी गौरव कुमार और कलाल खेरिया निवासी दिलीप कुमार हैं।
इन राज्यों के लोगों को बनाया शिकार
गैंग ने महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु आदि राज्यों के ट्रांसपोर्टरों को शिकार बनाता था। इनके अलावा जो लोग जस्ट डायल, ट्रक मालभाड़ा, मूवर्स एंड पैकर्स, ओएलएक्स, ई ट्रक, जस्ट डायल के माध्यम से सामान इधर से उधर भेजने के लिए संपर्क करते हैं, उनसे भी ठगी करते हैं।
इन नामों से कराया था रजिस्ट्रेशन
गैंग के सदस्यों ने श्री लाजिस्टिक्स, एजीटीसी लाजिस्टिक्स, वैस्ट बाला जी पैकर्स और मूवर्स, छाया पैकर्स और मूवर्स, साक्षी ट्रैवर्ल्स सर्विसेस, आरसीआई ट्रांसपोर्ट सर्विसेस, ठाकुर रोड लाइंस नाम से आनलाइन साइट पर रजिस्ट्रेशन कराए।
एक हजार में देता था चालू सिम
गैंग के सदस्य दिलीप की फतेहाबाद रोड स्थित कलाल खेरिया में मोबाइल सिम की दुकान है। वह गैंग को पहले से चालू सिम उपलब्ध कराता था। एक हजार रुपये में एक सिम देता था। दिलीप गैंग को 700 सिम उपलब्ध करा चुका है।
कमीशन पर लेते थे खाते
गैंग के 40 से ज्यादा खातों की जानकारी पुलिस को मिली हैं। यह खाते कमीशन पर लोगों से लिए जाते थे। ठगी करने के बाद खाता धारकों को पैसा दिया जाता था। अधिकतर खाते यूनियन बैंक, केनरा बैंक, फिनो बैंक , भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक औरैया, इटावा, दिल्ली की बैंक के खाते इस्तेमाल किए हैं। अधिकतर खाते बंद हो गए हैं। सात खातों के अभी सुचारू होने की जानकारी मिली है।
यह हुई बरामदगी
गैंग से पुलिस ने तीन रजिस्टर बरामद किए हैं। इनमें ठगी का शिकार लोगों की जानकारी है। 900 लोगों के नाम और नंबर लिखे हुए हैं। इसके अलावा 19 मोबाइल, 28 सिमकार्ड, 15 एटीएम कार्ड, तीन फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी के लेटर पैड बरामद किए हैं।
इनसे भी हुई धोखाधड़ी
गैंग ने चंदौली की संकट मोचन रोड लाइंस के मालिक रामजीत सिंह से चार लाख, महाराष्ट्र के ट्रक ड्राइवर सोमनाथ मुंडे से 20 हजार, भोपाल के ट्रांसपोर्टर आसिफ से 55 हजार, ट्रांसपोर्टर मनु शर्मा से 20 हजार, उड़ीसा के ट्रांसपोर्टर शार्प लॉजिस्टिक्स के मालिक कालीचरन साहू से 40 हजार, मुंबई की पार्टी लैंडमार्क इंडस्ट्रीज से 1.06 लाख ठगी की।
एसपी सिटी की टीम ने की गिरफ्तारी
एसएसपी ने बताया कि गैंग पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। गैंग को पकड़ने के लिए एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद को जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद एसपी सिटी के साथ साइबर सेल के इंस्पेक्टर विनोद कुमार और एसआई अमित कुमार की ने काम किया। गैंग के सदस्य जैतपुर के निकले। इस पर जैतपुर थाना पुलिस को भी लगाया गया।