कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े को जब जब हवा मिली है तब तब कहीं न कहीं विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाही व मिलीभगत सामने आई है। इसका ताजा उदाहरण फर्जी शिक्षकों का मामला है। बेसिक शिक्षाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद भी तीन खंड शिक्षाधिकारियों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई है। अब बीएसए ने लापरवाही पर सख्त हिदायत देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री के दम पर नौकरी पा चुके शिक्षकों की जांच एसआईटी ने की थी। अक्टूबर माह में एसआईटी की जांच रिपोर्ट में 91 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी बहाली हुई। हाईकोर्ट के एक और आदेश के बाद उनके वेतन आहरण पर रोक लगी। उच्च न्यायालय ने चार शिक्षकों का स्पष्ट फर्जीवाड़ा माना इस पर उन्हें विभाग ने बर्खास्त कर दिया है।
यह शिक्षक गंजडुंडवारा, अमांपुर और सहावर में तैनात थे। चारों शिक्षिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश बीएसए दे चुके हैं। लगभग 10 दिन बाद भी खंड शिक्षा अधिकारी फर्जी शिक्षकों पर एफआईआर नहीं करा सके हैं। बार-बार निर्देशों के बाद भी खंड शिक्षा अधिकारियों की मेहरबानी इन फर्जी शिक्षकों पर बनी हुई है। बीएसए ने अब कड़ी हिदायत देते हुए निर्देश दिए है कि चारों फर्जी शिक्षकों के खिलाफ खंड शिक्षाधिकारी एफआईआर कराकर रिपोर्ट भेजें अन्यथा लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
बर्खास्त किए गए चारों फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं। अभी तक खंड शिक्षाधिकारी एफआईआर की रिपोर्ट प्रेषित नहीं कर रही हैं। उन्हें फिर से हिदायत दी गई है। - अंजली अग्रवाल, बीएसए।