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फर्जी और टेंपर्ड शिक्षकों का सचिव ने मांगा विवरण

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मैनपुरी। एसआईटी से फर्जी और टेंपर्ड घोषित डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड करने वालों का विवरण सचिव बेसिक शिक्षा विभाग ने तलब किया है। बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि टेंपर्ड और फर्जी शिक्षकों के प्रमाणपत्र सारे विवरण के साथ उपलब्ध कराए जाएं।
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वर्ष 2017 में एसआईटी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से सत्र 2004-05 में बीएड की डिग्री हासिल करने वाले जिले के 81 शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी और टेंपर्ड घोषित की थी। तब से ये मामला जांच में चल रहा है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज विजय शंकर मिश्र ने बीएसए को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि एसआईटी ने जिन शिक्षकों के अंकपत्र और प्रमाणपत्र टेंपर्ड और फर्जी घोषित किए हैं। उनके प्रमाणपत्र और संबंधित विवरण की रिपोर्ट शीघ्र उनके कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। यह भी बताया जाए कि जनपद स्तर पर अब तक इस संबंध में क्या-क्या कार्रवाई हुई है।
30 नवंबर को 74 शिक्षकों की हुई थी बर्खास्तगी
एसआईटी की सूची में शामिल जिले के 81 शिक्षकों में से तीन को वर्ष 2016 में ही तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अभिलेख फर्जी पाए जाने पर बर्खास्त कर दिया था। जबकि 74 शिक्षकों को 30 नवंबर 2019 को बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बर्खास्त किया था लेकिन ये हाईकोर्ट चले गए थे और हाईकोर्ट ने इन शिक्षकों को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से जब तक प्रमाणपत्र फर्जी न घोषित किए जाएं तब तक बिना वेतन के नौकरी करने के निर्देश दिए थे। चार शिक्षकों के अभिलेख विश्वविद्यालय ने अभी तक फर्जी घोषित किए हैं जिन्हें 25 मई 2019 को सेवा से बाहर करते हुए उनके खिलाफ कोतवाली में मामला भी दर्ज करा दिया गया है। अन्य शिक्षकों की रिपोर्ट का इंतजार है।
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सचिव ने फर्जी शिक्षकों के प्रमाणपत्र के संबंध में जो जानकारी मांगी थी। उसे भेज दिया गया है। शासन और कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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