प्रादेशिक सेना की जनरल ड्यूटी (जीडी) में भर्ती के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में एसटीएफ को गिरोह के मास्टरमाइंड दीपक शर्मा की तलाश है। जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में आरोपी एक मंदिर में सेवा का कार्य करता है। एसटीएफ और आर्मी इंटेलिजेंस ने जम्मू पुलिस से संपर्क किया है। मगर, आरोपी पुलिस पहुंचने से पहले ही भाग गया।
एसटीएफ ने शनिवार की रात गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें फिरोजाबाद का अजय कुमार, जम्मू कश्मीर के सांबा जिले का कुलवंत सिंह और सुनील कुमार थे। गिरोह का मास्टरमाइंड पंजाब के पठानकोट का दीपक शर्मा उर्फ डीके है। उसने कुलवंत और सुनील को 50-50 हजार में युवकों को लाने का ठेका दिया था।
अजय कुमार को मेडिकल कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने शिकोहाबाद के फिजियोथेरेपिस्ट रंजीत यादव से मेडिकल के लिए बात की थी। मामले में एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने थाना हरीपर्वत में केस दर्ज कराया था। गिरोह के मास्टरमाइंड दीपक शर्मा के बारे में पीड़ित युवकों ने जानकारी दी है। बताया है कि वह सांबा के एक मंदिर में सेवादार है। वहीं से उसने लोगों से संपर्क बनाया और नाैकरी का झांसा देने लगा। जम्मू कश्मीर में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
इसके लिए एसटीएफ और आर्मी इंटेलिजेंस ने जम्मू कश्मीर पुलिस से संपर्क किया है। जब तक पुलिस आरोपी के पास पहुंची, तब तक वो भाग निकला। अब पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी है। एसीपी हरीपर्वत विनायक भोसले ने बताया कि एसटीएफ ने केस दर्ज कराया है, उसकी विवेचना की जाएगी।
और भी पीड़ित आ सकते हैं सामने
मामले में एसटीएफ के सामने 24 पीड़ित आए थे। सभी सांबा, कठुआ और पठानकोट के रहने वाले थे। प्रत्येक से गिरोह ने 1 से 4 लाख रुपये तक लिए थे। आशंका है कि कई और युवाओं को शिकार बनाया गया। इन्हें एक-एक करके मेडिकल के लिए आगरा भेजा जा रहा था। 10 जून को जॉइनिंग के बारे में बताया गया था। ठगी के शिकार और भी युवक सामने आ सकते हैं।
कई बार पकड़े गए गिरोह
सेना में भर्ती हो या फिर पुलिस भर्ती, युवाओं को ठगी का शिकार बनाने के लिए कई गिरोह सक्रिय हैं। पूर्व में सिकंदरा क्षेत्र में हुई भर्ती में गिरोह पकड़ा गया था। इसके अलावा पुलिस भर्ती में फर्जी अभ्यर्थी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस आरोपियों को जेल भी भेज चुकी है।