आगरा सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तर के रिकॉर्ड रूम में हुए फर्जी बैनामा कांड के बाद प्रदेश के पूर्व स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री अरिदमन सिंह ने तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है। उनका कहना है कि मेरे ही किराएदार ने दुकान का बैनामा अपनी पत्नी के नाम करा लिया और दुकान बेच दी। इसमें बाह के प्रभारी सब रजिस्ट्रार की मिलीभगत है। ऐसे में हर तहसील में यह खेल चल रहा है।
पूर्व मंत्री ने बयान जारी करके कहा है कि सदर तहसील ही नहीं, सभी तहसीलों में भ्रष्टाचार चल रहा है। भ्रष्ट लोगों ने मुझे भी शिकार बना लिया। बाह के प्रभारी सब रजिस्ट्रार के साथ मिलकर मेरे किराएदार ने पिनाहट में मेरी दुकान का बैनामा अपनी पत्नी के नाम कर दिया। जबकि मैं इस दुकान का टैक्स जमा करता हूं। मेरे पास इसका मालिकाना हक है।
उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने जांच करवाई तो सच्चाई सामने आ गई। कोई आम आदमी होता तो भटकता ही रहता। अरिदमन सिंह ने कहा कि मैं जब स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री था, तब भी राधास्वामी मत का बोर्ड लगाकर कब्जा किया जा रहा था। इस संदर्भ में मैंने जांच करवाई तो उसमें गड़बड़ मिली। उसमें एक व्यक्ति के नाम माल रोड के बगल की रोड दिखाकर बैनामा कर दिया गया था। जांच में दोषी पाए गए सब रजिस्ट्रार एवं अन्य बाबू आदि को सस्पेंड कर दिया गया था। यह खेल तब से चल रहा है।