आगरा सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तर के रिकाॅर्ड रूम में हुए फर्जी बैनामा कांड की जांच में जुटी एसआईटी को आठ दिन बाद भी फर्जीवाड़े का ओर-छोर नहीं मिल रहा। तीन एफआईआर दर्ज हैं। सात लोग जेल भेजे जा चुके हैं। फिर भी जांच उलझी हुई है।
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रिकाॅर्ड रूम में 100 से अधिक बैनामा, वसीयत, एंग्रीमेंट व अन्य दस्तावेजों में हेराफेरी की आशंका है। वर्षों से रिकाॅर्ड रूम में दस्तावेजों की अदला-बदली चल रही थी। थाना सदर में 9 नवंबर और 12 दिसंबर को दो मुकदमे दर्ज हुए। तीसरी एफआईआर 21 जनवरी को शाहगंज में दर्ज की गई। तीन दिन से रोज एसआईटी रजिस्ट्री दफ्तर से लेकर तहसील के चक्कर काट रही है।
एसआईटी को निबंधन व राजस्व संबंधित भाषा व नियम नहीं पता। जिन्हें सीखने में एसआईटी उलझ रही है। वहीं, दूसरी ओर असली मोहरे भी पहुंच से दूर हैं। जिस प्रशांत शर्मा व अजय सिसौदिया को पुलिस सरगना मान रही है, उनसे रिमांड पर पूछताछ में पुलिस को खेल के असली मोहरे मिल सकते हैं।