पुलिस उपायुक्त नगर विकास कुमार ने बताया कि फर्जी जमानत के खेल की जांच की जा रही है। 8 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। एक आरोपी को जेल भेजा गया था। जांच में पता चला है कि जमानत कोई और देता है कागजात किसी और के होते हैं।
आगरा में फर्जी दस्तावेज लगाकर जमानत का एक और मामला सामने आया है। इस बार धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत ली गई। आरोपी रिहाई के बाद तारीख पर नहीं गया। मामले की जांच हुई तो सच सामने आ गया। थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक ने थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया है।
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थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार अवस्थी के दर्ज कराए मुकदमे में खेरिया मोड़ निवासी तसलीम, अधिवक्ता कालीचरन कांत, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित बल्देेव नगर निवासी महेश और राकेश को नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, मंशा देवी गली, राजामंडी निवासी श्यामलाल ने थाना एमएम गेट में एक अगस्त 2019 में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें तसलीम नामजद था। उसे जेल भेजा गया था। जमानत के लिए अधिवक्ता कालीचरन कांत ने कोर्ट में कागजात लगाए थे। ये कागजात फर्जी थे। इन्हें असली के रूप में प्रस्तुत किया गया था। जांच में पता चला कि अधिवक्ता ने महेश और राकेश को जमानदार के रूप में पेश किया था। उनका फर्जी तरीके से सत्यापन करा दिया गया।
पूर्व में भी दर्ज हुए मुकदमे
पुलिस उपायुक्त नगर विकास कुमार ने बताया कि फर्जी जमानत के खेल की जांच की जा रही है। 8 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। एक आरोपी को जेल भेजा गया था। जांच में पता चला है कि जमानत कोई और देता है कागजात किसी और के होते हैं। इसमें कुछ अधिवक्ता भी शामिल हैं। ठोस साक्ष्य पुलिस जुटा रही है। तीन साल पूर्व के मुकदमों में जमानत लेने वालों का डाटा खंगाला जा रहा है।