आगरा में बिजलीकर्मियों की हड़ताल पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का कड़ा रुख सामने आया है। प्रदर्शन कर रहे 14 संविदाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही एस्मा के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में बिजली कर्मियों की हड़ताल को लेकर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने सख्त रुख अपनाया है। प्रबंध निदेशक अमित किशोर ने 14 संविदा कर्मियों को बर्खास्त किया है। इनके विरुद्ध एस्मा के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। प्रबंध निदेशक का कहना है कि जो लोग काम पर नहीं लौटेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरी तरफ गैलाना रोड स्थित मुख्य अभियंता वितरण कार्यालय पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की हड़ताल सभा में सरकार पर दमनकारी नीतियों का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने अब जेल भरो आंदोलन का एलान किया है। सरकार पर तानाशाही और लंबित मांगों की सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं।
मजबूरन करना पड़ रहा आंदोलन
अभियंता संघ के आरके वर्मा, क्षेत्रीय सचिव अनूप उपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय कमेटी की बैठक में जेल भरो आंदोलन का निर्णय हुआ है। दक्षिणांचल राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, महासचिव राजवीर सिंह, संयोजक युगल किशोर, हाइड्रो कर्मचारी नेता सलमान मजहर आदि हड़ताल सभा में मौजूद रहे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि हमारा उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं है, लेकिन सरकार की वादाखिलाफी से हमारे भविष्य पर संकट है। इसके विरोध में हमें मजबूरन आंदोलन करना पड़ रहा है।