कासगंज। फोरलेन सड़क निर्माण का काम अंतिम चरण में है। शहर की ओर काम की रफ्तार बढ़ रही है, लेकिन नदरई रेलपुल पर ओवरब्रिज और अंडरपास का विवाद अभी नहीं सुलझ पा रहा। इससे रेलवे की जिद से फोरलेन का काम अभी उलझने की आशंका है।
एटा-कासगंज के बीच 320 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन का काम चल रहा है। बाहरी क्षेत्र में काम पूरा होने के बाद अब शहर की ओर काम की शुरुआत हुई है, लेकिन रेलवे की जिद से फोरलेन का काम फिलहाल पूरा नहीं हो पाएगा।
नदरई रेलपुल पर ओवरब्रिज और अंडरपास को लेकर पीडब्ल्यूडी और रेलवे के अधिकारियों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। पीडब्ल्यूडी और रेलवे अधिकारियों में वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अंडरपास के लिए रेलवे का प्रस्ताव शासन निरस्त कर चुका है।
आंकड़े की नजर से-
- 20 करोड़ रुपये की लागते से बनने हैं नदरई और बांकनेर रेलपुल।
- 5 करोड़ रुपये की धनराशि रेलवे को दे चुका है पीडब्ल्यूडी।
- 40 किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा है फोरलेन।
- नदरई रेलपुल पर रेलवे की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं हो रही। अभी तक यथास्थिति बनी हुई है। कोई नतीजा नहीं निकल रहा।
- सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
- रेलवे की ओर से अंडरपास का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। वहां अंडरपास बनाना ही संभव है। पीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव निरस्त की कोई जानकारी नहीं दी है।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।