बुआ के घर जा रहा था मासूम
मासूम मां के साथ अपनी बुआ के घर हाथरस में आयोजित होने वाली मां की जोत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहा था, लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था। वह हाथरस पहुंचने से पहले ही मौत के आगोश में समा गया।
ट्रेन मिल जाती तो शायद बच जाती जान
मासूम मां के साथ मोहनपुर से बस से कासगंज आया। इसके बाद मां-बेटे हाथरस जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन तब तक ट्रेन छुट चुकी थी। इसके बाद वह बस स्टैंड जाने के लिए मां के साथ ई रिक्शा में बैठ गया। रास्ते में ही वह हादसे का शिकार हो गया।
हादसे में मृतक मासूम अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। उसका एक साल का छोटा भाई और है। बड़े बेटे की मौत को बाद से उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था।