आगरा में एडीजे-13 महेशचंद वर्मा ने छेड़छाड़, बंधक बनाने और धमकी देने के मामले में निजी कंपनी के महाप्रबंधक संग्राम किशोर मलिक की चार साल कारावास की सजा व 10500 रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा है। समर्पण के लिए तीन दिन का समय दिया है। दोषी को 30 अगस्त, 2024 को तत्कालीन सीजेएम अचल प्रताप सिंह ने सजा सुनाई थी। आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की थी।
थाना एत्माद्दौला में जूनियर इंजीनियर युवती ने तहरीर दी थी। बताया कि वह 15 जून, 2018 से कंपनी में काम कर रही थीं। आरोप लगाया कि अक्तूबर 2020 में कंपनी के महाप्रबंधक संग्राम किशोर मलिक शारीरिक छेड़छाड़ कर अनैतिक दबाव बनाने लगे। वह एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के मयूर एलाइट निवासी थे।