आगरा के सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र में बृहस्पतिवार दोपहर को जैन ट्रेडिंग कंपनी में केमिकल भरते समय जोरदार धमाका हुआ। इसमें नगर निगम के एनिमल बर्थ सेंटर का चालक और कंपनी के तीन कर्मचारी बुरी तरह से झुलस गए। हादसे के बाद फैक्टरी में पीला धुआं छा गया। धमाके की आवाज 250 मीटर दूर तक सुनी गई। इस कारण काफी देर तक लोग झुलसे हुए कर्मचारी के पास पहुंचने की हिम्मत नहीं कर सके। बाद में धुआं हटने पर सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर एक की हालत गंभीर बनी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना दोपहर करीबन 12 बजे की है। औद्योगिक क्षेत्र में ई-115 में जैन ट्रेडिंग कंपनी है। इसमें कई तरह के केमिकल की बिक्री की जाती है। नगर निगम के एनिमल बर्थ सेंटर के 14 कर्मचारी फैक्टरी से केमिकल फार्मेलिन लेने आए थे। फैक्टरी के अंदर सेंटर का लोडर टेंपो लेकर चालक राजेश आया था। बाकी कर्मचारी गेट पर खड़े रहे। कंपनी के तीन कर्मचारी सोनू (शांति नगर, जगदीशपुरा), मनोज (नबादा, ताजगंज) और लालचंद (प्रेम नगर, जगदीशपुरा) लोडर में रखे 50 लीटर के ड्रम में फार्मेलिन भरने के लिए दो ड्रम में लेकर आए। एक ड्रम खाली होने पर दूसरे से केमिकल डालने लगे। जैसे ही केमिकल फार्मेलिन में गया, तेज धमाका हो गया। चारों तरफ पीला धुआं छा गया। धमाके से फैक्टरी में अफरातफरी मच गई। बाहर खड़े कर्मचारी दूर भाग गए।
इस धमाके से चारों कर्मचारी गंभीर झुलस गए। वह चीखने लगे। इस पर उन्हें आनन-फानन में सिकंदरा स्थित अस्पताल में लेकर आए। राजेश की आंखों में में केमिकल चला गया। इससे उन्हें एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं छाती, पेट और पैर भी बुरी तरह से झुलस गए हैं। उन्हें देर रात अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। मनोज और लालचंद के पैर तो सोनू के हाथ झुलसे हैं। उनका भी उपचार चल रहा है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि फैक्टरी के दस्तावेज चेक किए जाएंगे। यह देखा जाएगा कि संचालक ने संबंधित विभाग से एनओसी ली थी या नहीं। अगर किसी तरह की लापरवाही की जा रही होगी तो कार्रवाई होगी।