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कासगंज में कोरोना: नगला सितावी में छह दिन में चार लोगों की मौत, सभी को सांस लेने में हुई थी तकलीफ

Sat, 15 May 2021 12:18 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज

सार

जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा अब गांव की ओर तेजी के साथ बढ़ने लगा है। सोरों विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुरहना के गांव नगला सितावी में पोस्टमैन सहित चार लोगों की जान छह दिन में चली गई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कासगंज जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा अब गांव की ओर तेजी के साथ बढ़ने लगा है। सोरों विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुरहना के गांव नगला सितावी में पोस्टमैन सहित चार लोगों की जान छह दिन में चली गई। लेकिन अभी तक जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं। गांव में न तो सैनिटाइजेशन का काम शुरू किया गया है और न ही जांच के लिए कोई टीम पहुंची है। सीएमओ ने दावा किया है कि जल्द ही एक टीम गांव में भेज दी जाएगी। सैनिटाइजेशन के लिए पंचायती राज विभाग से कहा जाएगा। 

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केस-1
6 मई को गांव की 55 वर्षीय सुखदेवी की मृत्यु हुई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत थी। निजी चिकित्सकों से परिजन इलाज कराते रहे। उनके बेटे रूपराम ने बताया कि उनको सर्दी खांसी बुखार और जुकाम था। सांस लेने में काफी दिक्कत हुई। जिससे घर पर ही उनकी मृत्यु हो गई।

केस-2
8 मई को इसी गांव की राम मूर्ति जो कि 60 वर्ष की थीं। उनकी मृत्यु हुई। उनके पति सूरजपाल ने बताया कि सर्दी खांसी और जुकाम की शिकायत थी। कई दिनों तक निजी चिकित्सालय में इलाज कराते रहे। 8 मई की रात सांस लेने में बहुत तकलीफ हुई और उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई।

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केस-3 
नगला सितावी के रहने वाले 55 वर्षीय उदयवीर डाकघर में नौकरी करते थे। गोरहा में पोस्टमैन थे। ये कई दिनों से बीमार थे। उपचार के लिए जिला अस्पताल में भी भर्ती रहे, लेकिन बुखार कम नहीं हुआ। उन्होंने 11 मई को दम तोड़ दिया। उनके बेटे मुकेश ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी इस बात की सूचना दी गई कि पिता की मौत हो गई है, लेकिन उसके बाद गांव में कोई अधिकारी नहीं आएं।

केस-4
12 मई की रात को गांव के ही हंसराज की मौत हुई है। उनके बेटे शैलेश ने बताया कि पिता पिछले चार दिन से बीमार थे। बुखार तो कम हो गया, लेकिन सर्दी का असर बना रहा। सरकारी अस्पताल में तो इलाज के इंतजाम भी अच्छे नहीं थे। इसलिए निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन निजी चिकित्सक सिर्फ यही बताते रहे कि जल्दी ठीक हो जाएंगे और आखिरकार सांस लेने में तकलीफ होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि गांव नगला सितावी में चार लोगों की मौत की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग की टीम को तत्काल गांव में भेज रहे हैं। गांव में रेंडम जांच कराई जाएगी और सैनिटाइजेशन का काम कराया जाएगा। 
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