गंभीर रूप से झुलसे रामबहादुर, रोली, शिखा और सरला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से उन्हें मिनी पीजीआई सैफई रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने मुरारी को गिरफ्तार कर लिया था। उसने रंजिश के चलते आग लगाने की घटना भी स्वीकार की थी।
सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रामबहादुर और उनकी पत्नी सरला देवी की मौत हो चुकी है। घटना के 15 दिन बाद गुरुवार की रात बेटी शिखा ने भी दम तोड़ दिया। जबकि मेडिकल कॉलेज में भर्ती रोली की हालत भी नाजुक बनी हुई है।
प्रजापति युवा संगठन के पदाधिकारी पीड़ितों से मिले
प्रजापति युवा शक्ति संगठन दिल्ली की टीम शुक्रवार को खरपरी के मोहल्ला माधौनगर पहुंची। टीम के सदस्यों ने यहां घर में लगाई गई आग में मरने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए मुआवजा मांगा।
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