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सांसों पर संकट: आगरा के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से पांच मरीजों की मौत

Mon, 26 Apr 2021 08:30 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में रविवार को रामबाग के अस्पताल में तीन मरीजों की मौत हो गई, वहीं फतेहाबाद रोड के अस्पताल में युवती ने दम तोड़ दिया। पूर्व विश्वविद्यालय कर्मी की भी जान चली गई। 
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ऑक्सीजन मास्क लगाकर अस्पताल की सीढ़ियों पर बैठी मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की कमी से अब सांसों की डोर टूट रही हैं। रविवार को रामबाग के एक अस्पताल में तीन मरीजों की मौत हो गई। परिजनों ने ऑक्सीजन न मिलने से मौत का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया। वहीं फतेहाबाद रोड स्थित एक अस्पताल में 20 वर्षीय युवती की मौत हो गई। युवती के पिता के अनुसार शनिवार-रविवार रात दो बजे उसकी मौत हो गई। विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मी ने भी रविवार शाम दम तोड़ दिया।

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जिले में अब 41 निजी कोविड अस्पताल हैं। जिनमें करीब 1400 मरीज भर्ती हैं। 25 नॉन कोविड अस्पतालों में भी 800 से 1000 कोरोना संदिग्ध भर्ती हैं। रविवार को ऑक्सीजन किल्लत और गहरा गई। यशवंत, पल्स, मंगलम सहित 15 अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने के नोटिस चस्पा करने पड़े। 

रामबाग के अस्पताल में तीन मरीजों की मौत
रामबाग स्थित एक अस्पताल में तीन मरीजों की मौत पर रविवार सुबह परिजनों ने हंगामा करते हुए ऑक्सीजन नहीं लगाने के आरोप लगाए। दूसरी तरफ फतेहाबाद रोड स्थित एक अस्पताल में 20 वर्षीय युवती ने दम तोड़ दिया। इंद्रापुरम निवासी मृतक युवती के परिजन दो दिन गैस सिलेंडर के लिए भटकते रहे, उन्हें सिलेंडर नहीं मिला।

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देर रात 2.30 बजे युवती ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतक युवती के पिता सुधीर शर्मा ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी ने मुझसे मेरी बेटी छीन ली। वहीं विवि के सेवानिवृत्त कर्मी कमलेश कुमार की मौत के बाद उनके पुत्र प्रदीप ने बताया कि उनके पिता नॉन कोविड सांस के मरीज थे। उनके लिए ऑक्सीजन के लिए दिनभर भटकता रहा, शाम को पिता ने घर पर दम तोड़ दिया।

नॉन कोविड स्वयं करें इंतजाम
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा कि कोविड अस्पतालों में गैस आपूर्ति की जाएगी। नॉन कोविड स्वयं अपना इंतजाम करें। हमारी प्राथमिकता कोविड मरीजों के लिए पहले है। ऑक्सीजन की कमी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

डीएम ने खुद दिलवाएं सिलिंडर
रविवार सुबह 8 बजे ही डीएम ऑक्सीजन किल्लत वाले अस्पतालों में पहुंच गए। यशवंत हॉस्पिटल में 45 मरीज भर्ती हैं। यहां सुबह आठ सिलिंडर दिलाए। शाम 4 बजे फिर ऑक्सीजन खत्म होने से मरीजों के तीमारदारों में अफरातफरी मच गई। डीएम ने दोबारा आठ सिलिंडर भेजे। मंगलम, गोयल सिटी, श्री कृष्णा, स्पर्श मल्होत्रा, उपाध्याय, ब्लोसम को आठ से दस सिलिंडर दिए गए।

पल्स अस्पताल प्रबंधन को फटकार
पल्स सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में 25 मरीज भर्ती हैं। रविवार दोपहर 2 बजे यहां ऑक्सीजन खत्म होने की सूचना पर डीएम प्रभु एन सिंह पहुंचे। तीन सिलिंडर भरे मिले। मरीजों के हिसाब से अधिक खपत पर अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी गई।
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