देर रात 2.30 बजे युवती ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतक युवती के पिता सुधीर शर्मा ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी ने मुझसे मेरी बेटी छीन ली। वहीं विवि के सेवानिवृत्त कर्मी कमलेश कुमार की मौत के बाद उनके पुत्र प्रदीप ने बताया कि उनके पिता नॉन कोविड सांस के मरीज थे। उनके लिए ऑक्सीजन के लिए दिनभर भटकता रहा, शाम को पिता ने घर पर दम तोड़ दिया।
नॉन कोविड स्वयं करें इंतजाम
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा कि कोविड अस्पतालों में गैस आपूर्ति की जाएगी। नॉन कोविड स्वयं अपना इंतजाम करें। हमारी प्राथमिकता कोविड मरीजों के लिए पहले है। ऑक्सीजन की कमी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डीएम ने खुद दिलवाएं सिलिंडर
रविवार सुबह 8 बजे ही डीएम ऑक्सीजन किल्लत वाले अस्पतालों में पहुंच गए। यशवंत हॉस्पिटल में 45 मरीज भर्ती हैं। यहां सुबह आठ सिलिंडर दिलाए। शाम 4 बजे फिर ऑक्सीजन खत्म होने से मरीजों के तीमारदारों में अफरातफरी मच गई। डीएम ने दोबारा आठ सिलिंडर भेजे। मंगलम, गोयल सिटी, श्री कृष्णा, स्पर्श मल्होत्रा, उपाध्याय, ब्लोसम को आठ से दस सिलिंडर दिए गए।
पल्स अस्पताल प्रबंधन को फटकार
पल्स सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में 25 मरीज भर्ती हैं। रविवार दोपहर 2 बजे यहां ऑक्सीजन खत्म होने की सूचना पर डीएम प्रभु एन सिंह पहुंचे। तीन सिलिंडर भरे मिले। मरीजों के हिसाब से अधिक खपत पर अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी गई।