आगरा में एक तरफ कोरोना का संक्रमण बढ़ता गया तो शासन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर कार्रवाई करता रहा। दो बार में चार अफसर नप गए। इनमें एसएन (सरोजिनी नायडू) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) तक शामिल हैं। इनके खिलाफ शिकायत बढ़ती जा रही थीं।
हालांकि मई के दूसरे सप्ताह से इसमें कमी आई लेकिन तब मरीजों की संख्या 800 पहुंच चुकी थी। 14 अप्रैल से सात मई तक संक्रमण सबसे तेज रहा। अप्रैल में 500 से ज्यादा मरीज मिले। इसकी पड़ताल हुई तो स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ गई। इसके बाद एसएन और सीएमओ ऑफिस की व्यवस्था में काफी बदलाव किया गया।