आगरा। औषधि विभाग ने फव्वारा स्थित दवा बाजार में चार मेडिकल फर्म के सील खोलकर जांच की। यहां दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच में दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में गड़बड़ी मिली है। बीते सप्ताह लखनऊ की विशेष टीम के छापे में ये मेडिकल फर्म बंद मिली थीं। टीम ने इन पर सील लगा दी थी।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि लखनऊ की विशेष टीम ने बीते 21 मई को नकली और सैंपल की दवाओं की जांच के लिए 18 फर्मों पर छापा मारा था। सैंपल और नकली दवाएं मिली थीं। झूलेलाल मार्केट में दो अवैध गोदाम भी मिले थे, जिनमें सैन्य, ईएसआई अस्पताल और सैंपल की करोड़ों की दवाएं बरामद हुई थीं। यह अवैध गोदाम ज्योति ड्रग हाउस के संचालक नारायण दास हंसराजानी की थी।
कार्रवाई के दौरान तीन फर्म बंद मिली थी। नोटिस चस्पा करते हुए लिखा कि जब ये दुकानें औषधि विभाग की निगरानी में ही खुलेंगी। ऐसे में इनके संचालकों ने लिखित में सोमवार को दुकानें खोलने का समय दिया। इस पर टीम की निगरानी में आरएमडी मेडिकल एजेंसी, शारदा फार्मा, युग फार्मा, जीआर फार्मा के सील खोलकर जांच की गई। इसमें एलर्जी, पेट रोग, एंटीबायोटिक, हृदय-किडनी समेत कई दवाओं के रिकॉर्ड खंगाले हैं। इसमें दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड देखे, दवाओं का भंडारण भी जांचा गया। कई दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में गड़बड़ी मिली है। अभी जांच चल रही है।