आगरा। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदकों को अब महीनों चप्पल नहीं घिसनी पड़ेगी। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने चार मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। जोन वार यह विलंब वाले मामलों की सुनवाई करेंगे। आवेदक को 30 दिन में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र मिल जाएगा।
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोग आठ महीने से चक्कर काट रहे थे। सदर तहसील में रोज हुजूम उमड़ रहा था। एक ही मजिस्ट्रेट के जिम्मे पूरा शहर और बरौली अहीर, अकोला और बिचपुरी ब्लॉक होने से आवेदक परेशान थे। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो जिलाधिकारी मनीष बंसल ने संज्ञान लेकर नगर निगम के जोनवार चार अपर नगर मजिस्ट्रेट सोमवार को नियुक्त कर दिए हैं। डीएम ने बताया कि लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा। दलालों को चिह्नित किया जाएगा। उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
9 हजार आवेदनों का निस्तारण किया
सोमवार को डीएम के निर्देश का सदर तहसील में असर दिखा। जहां रोज आवेदकों का हुजूम उमड़ रहा था, वहां सोमवार को 15 से 20 आवेदक थे। एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में रिकाॅर्ड नौ हजार से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया गया है। नई व्यवस्था के तहत 30 दिन में आवेदक को प्रमाण पत्र मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में लेखपाल की जांच अनिवार्य है। नगर निगम के छत्ता, ताजगंज, लोहामंडी, हरीपर्वत जोन के लिए अलग-अलग अपर नगर मजिस्ट्रेट जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों पर सुनवाई एवं निस्तारण करेंगे। वहीं, अकोला, बिचपुरी और बरौली अहीर के आवेदनों का निस्तारण एसडीएम सदर स्तर से किया जाएगा।