आगरा के जगनेर से दवा कारोबारी का अपहरण कर 70 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में फरार 25-25 हजार के इनामी चार अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दो अपहरणकर्ता कर्नाटक और एक अपहरणकर्ता मुंबई भाग गया था।
एसपी आरए पश्चिम अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि 13 जून को जगनेर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक कपिल मंगल का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ता दवा लेने के बहाने कार में बैठाकर कारोबारी का अपहरण कर ले गए थे।
इसके बाद 70 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। 17 जून को अपहरणकर्ताओं से सरेंधी-धौलपुर रोड पर हुई मुठभेड़ के बाद कपिल मंगल को सकुशल बरामद कर लिया गया था। एक आरोपी दिनेश पंडित को गिरफ्तार किया गया था। उसे जेल भेज दिया गया था।
राजस्थान के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के नाम रामअवतार, भूपेंद्र उर्फ भोला, अनिल गुर्जर और सुनील गुर्जर (धौलपुर, राजस्थान) बताए। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी थी। उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
सोमवार को थाना जगनेर, सर्विलांस और क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग ने चार आरोपियों को नगला रूढ़ तिराहा, भरतपुर-धौलपुर मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। उनसे बाइक और दो तमंचे बरामद हुए।
अपहरण का मास्टरमाइंड बंटू और रामअवतार गुर्जर थे। दोनों मार्बल कारीगर हैं। दोनों अलग-अलग राज्य में काम करने जाते हैं। बंटू कपिल मंगल का पड़ोसी था। रामअवतार ने अपहरण की घटना में अपने रिश्तेदार अनिल, उसके भाई सुनील, उसके दोस्त जीतू और मौसी के लड़के भूपेंद्र उर्फ भोला गुर्जर को शामिल किया था।
पुलिस के डर से दूसरे शहरों को भागे
फिरौती मांगने के लिए सिम सुनील और अनिल लेकर आए थे। पुलिस के डर से बंटू और रामअवतार कर्नाटक भाग गए थे। भोला मुंबई में ऑटो चलाने लगा था। पुलिस ने पिछले दिनों बंटू को पकड़ लिया था। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्य भी गिरफ्तार कर लिए गए थे।
भतीजे ने संभाली गैंग की कमान
पुलिस के हत्थे चढ़े 25 हजार के इनामी बदमाश भोला उर्फ भूपेंद्र के चाचा राजेंद्र गुर्जर का भी अपना गैंग था। राजेंद्र गुर्जर अपहरण के कई मामलों में वांछित था। पुलिस के मुताबिक, 50 हजार का इनाम राजेंद्र पर था। 2012 में पुलिस मुठभेड़ में वह मारा गया। इसके बाद गैंग की कमान भोला ने संभाल ली।
वो अपने मौसे भाई रामअवतार के साथ गैंग को सक्रिय किए था। भोला की मां सेंट्रल जेल ग्वालियर में बंद थी। उनकी जेल में मौत हो गई थी। पिता की बीमारी से मौत हुई थी। रिश्तेदारों ने गैंग बना रखा है। अब भोला का गैंग एक और व्यापारी के अपहरण की योजना बना रहा था।