आगरा के कहरई मोड़ स्थित शेल्टर होम शरण स्थान के निरीक्षण में विशेष न्यायधीश (पॉक्सो एक्ट) सर्वजीत सिंह को 12 से 17 साल की चार लड़कियां मिलीं जबकि यह शेल्टर होम कागजों में बंद है। लड़कियों के बारे में शेल्टर प्रभारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं। इस मामले में विशेष न्यायधीश ने डीपीओ लवकुश भार्गव को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
राजपुर चुंगी-शमसाबाद रोड स्थित कहरई गांव में रेज ऑफ जॉय चैरिटेबल सोसायटी द्वारा शरण स्थान बाल संरक्षण गृह संचालित किया जा रहा है। विगत 17 अगस्त को विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट सर्वजीत सिंह ने टीम के साथ यहां निरीक्षण किया। शेल्टर प्रभारी डी रोड्रिक्स से पूछताछ की। रोड्रिक्स ने उन्हें बताया कि ट्रस्ट ने शेल्टर होम बंद करने का प्रस्ताव जिला प्रोबेशन अधिकारी को छह माह पहले भेज दिया है।
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इसे गंभीर लापरवाही व आपत्तिजनक कृत्य मानते हुए डीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच टीम ने बंद शेल्टर होम में रह रही लड़कियों के संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।