मथुरा जिले में बढ़ती सर्दी से निराश्रित गोवंश की हालत खराब हो गई है। बीमार और कमजोर गोवंश की मृत्यु दर बढ़ गई है। सोमवार को कोसीकलां स्थित एक गोशाला में चार गोवंश मर गए। बता दें कि गोशाला में तेज हवा से टिनशेड पर लगी तिरपालें हट गई हैं। पशुओं पर जूट की बोरी तक नहीं डाली गई है। गोशालाओं में सीलन से पशुओं का बैठना तो दूर खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है। गोशालाओं में अलाव की व्यवस्था तक नहीं है।
कड़ाके की ठंड से बचाव को लेकर शासन ने गोवंश को जूट के कोट पहनाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन यहां अभी तक जूट के बोरे उपलब्ध नहीं हो सके हैं। भगवती रोड पर एक गोशाला में सोमवार को चार गोवंश मर गए। इसके अलावा सरकार ने गोवंशों के लिए बनाए गए गांधी चिकित्सालय परिसर आश्रय स्थल में उचित व्यवस्था न कर पाने की वजह से आए दिन गोवंश मर रहे हैं।
सोमवार की दोपहर में तो शालीमार रोड श्मशान घाट पर एक अंतिम संस्कार की आग के समीप खड़े होकर पांच-छह गोवंश सर्दी दूर करते दिखाई दिए। सर्दी से पशुओं के बचाव के लिए कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है।
इधर, श्रीकृष्ण गोशाला के प्रधान डॉ. अमर सिंह पौनियां ने इस बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया है। नगर पालिका के प्रशासनिक अधिकारी योगेंद्र शर्मा ने बताया कि आश्रय स्थल में निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए समुचित व्यवस्था है। अगर कहीं कोई कमी होगी तो दूर कराई जाएगी।