मथुरा जिले में चार सगे भाई-बहन लापता हो गए हैं। इनमें तीन बहनें और एक भाई है। बहनों की उम्र 17-14 साल और सबसे छोटी दो साल की है, जबकि भाई 10 साल का बताया जा रहा है। चारों बच्चे गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे घर से निकले थे। इसके बाद घर नहीं लौटे।
चिंता होने पर उन्होंने आसपड़ोस के घरों में जाकर पूछा, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चला। एक होटल कर्मी ने पुलिस को बताया कि उसने इन बच्चों को कैंटर में चढ़ते देखा है। परिजनों ने रंजिश के चलते बच्चों के अपहरण की आशंका जताई है। पुलिस जांच कर रही है।
बलदेव के गांव मडौरा निवासी राजवीर सिंह के यह बच्चे हैं। राजवीर मजदूरी करता है। लापता हुई बड़ी बेटी विमलेश (17), ललतेश (14) और दो साल की हेमा है। दस साल का बेटा सूरज भी लापता है।
बच्चों को टैंकर में चढ़ते देखा
पुलिस का कहना है कि अभी तक की पूछताछ में जो मामला निकलकर सामने आ रहा है उसके मुताबिक यह बच्चे पास के गांव गढसौली से यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचे हैं और वहां कैंटर को हाथ देकर रुकवाया और उसमें चढ़ गए।
लोगों के मुताबिक विमलेश ने छोटी बहन हेमा को गोद में ले रखा था। कैंटर नोएडा की तरफ गया था। ढाबा पहलवान सैनिक के कर्मचारी मिथुन ने भी पुलिस को यह जानकारी दी है। राजवीर सिंह ने पड़ोसियों खेमा, ईश्वरा, नरायन सिंह, जयवीर, होशियार, प्रेमपाल पर बच्चों को लापता करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
होटल के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि सूरज टैंकर में नहीं चढ़ा था। वो पैदल ही वहां से लौट रहा था। लेकिन वह अभी तक घर नहीं पहुंचा है। अब सवाल यह उठता है कि सूरज जब बहनों के साथ नहीं गया तो वह है कहां। सीओ महाबन पीपी सिंह व एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जा रही है पूरी खोजबीन करके बच्चों का पता लगाया जा रहा है।
अगर गांव वालों की बात पर विश्वास किया जाए तो उनका कहना है कि बच्चे परेशान रहते थे। राजवीर कुछ काम धाम भी नहीं करता है। हो सकता है कि बच्चे अपने किसी रिश्तेदार के यहां चले गए हों।