मुकेश और बालकिशन ने उत्तराखंड के छह से अधिक बैंकों में 15 से अधिक खाते खुलवा रखे थे। यह सभी खाते अपने पुराने आईडी पर खुलवाए थे। जुलाई में दोनों आगरा आ गए। उनकी पहचान मधु उर्फ जैशमिन से थी।
मुकेश ने उसे लालच देकर गैंग में शामिल कर लिया। उसके पति नोयल जींस की आईडी पर खाते खुलवा लिए। मधु लोगों से बात करने लगी। जो फंस जाता था, उसकी मुकेश से बात कराई जाती थी। दोनों खुद को अधिकारी बताते थे। इसके बाद खाते में रकम जमा करा लेता था।
गैंग ने उत्तर प्रदेश के आगरा, कानपुर, मेरठ, गाजीपुर, बनारस, सहारनपुर, रायबरेली, फतेहपुर, नोएडा आदि जिलों के के अलावा बिहार, दिल्ली, झारखंड, महाराष्ट्र, कन्याकुमारी, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश के तकरीबन 300 से अधिक बेरोजगार युवकों से ठगी की है। पुलिस डायरी में लिखे नाम के आधार पर लोगों से संपर्क कर रही है।
आरोपियों के पास से 200870 रुपये, दस मोबाइल, 24 सिम कार्ड, 18 एटीएम कार्ड, 10 आधार कार्ड, पांच पेन कार्ड, 16 बैंक पासबुक, आठ चेक बुक, पांच ड्राइविंग लाइसेंस, छह वोटर आईडी कार्ड, सात रजिस्टर, 11 पॉकेट डायरी, सोने के आभूषण, दो बाइक, विभिन्न प्रदेश के लोगों के बायोडाटा, शैक्षणिक दस्तावेज मिले हैं।
छह युवकों ने एसएसपी से की थी शिकायत
ताजगंज निवासी दीपक सोलंकी, कानपुर निवासी अमित कुमार, मेरठ निवासी रोहन नेहरा, फतेहपुर निवासी पूतन सिंह, अमेठी निवासी अतुल कुमार और बिहार निवासी अंकेश कुमार ने एसएसपी बबलू कुमार से पब्लिक सेक्टर यूनिट में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 60-60 हजार रुपये ठगी की शिकायत की थी। इस पर थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज किया गया।
अलग नामों से बनाते थे फेसबुक आईडी
आरोपियों की फेसबुक पर आईडी एचआर मैनेजर जैशमिन सिंह गेल इंडिया, एचआर त्रिलोक चंद भेल, किशब बघेल एचआर बीईएल, एचआर सुरेंद्र कांत बीएचईएल, एचआर स्वाति शर्मा एयरपोर्ट इंडिया, एचआर गुलाब सिंह गेल इंडिया, देवेंद्र सिंह एचआर एनटीपीसी, सुरेश चंद गुप्ता एनटीपीसी, बीएम सोलंकी गेल आदि नाम से हैं।