आवागमन और जलभराव की समस्या से जूझ रहे जगनेर रोड की कई मलिन बस्तियों के लोगों को अब राहत मिलेगी। रेलवे एक साल में साढ़े चार मीटर चौड़ा अंडरपास बनवाएगा तो प्रशासन नाले का निर्माण कराएगा। अधिकारियों ने आश्वासन पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने अनशन स्थगित कर दिया।
नरीपुरा क्षेत्र में सालों से चली आ रही समस्या का समाधान छह घंटे के अनशन से हो गया। यहां शिवनगर, नगला पुलिया स्थित अंडरपास की चौड़ाई कम होने से इस क्षेत्र के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। लोगों को रेलवे ट्रैक क्रास करके जाना पड़ता है। वहीं, क्षेत्र में जलभराव की समस्या भी पुरानी है। खरंजा ऊंचा होने से लोगों के घरों में गंदा पानी भर गया है। लोग नारकीय हालत में रहने को मजबूर हैं। संक्रमण का खतरा बना हुआ है सो अलग। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे सांसद डा. रामशंकर कठेरिया समर्थकों के साथ नगला पुलिया पर अनशन पर बैठ गए। अपराह्न चार बजे एडीएम सिटी धर्मेेंद्र कुमार, एसपी सिटी सुशील घुले, एडीआरएम दिलीप कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर आदि अधिकारी अनशन स्थल पर पहुंचे और सोमवार तक साढ़े चार मीटर चौड़े अंडरपास का नक्शा तैयार और चार माह में काम शुरू करने का आश्वासन दिया। इस संबंध में मंगलवार को जिलाधिकारी, शिवनगर संघर्ष समिति तथा सांसद की बैठक होगी। इसके बाद कठेरिया ने अनशन स्थगित कर दिया। साथ ही कार्यों में देरी होने पर कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी दी। राजकुमार चाहर, डा. जीएस धर्मेश, अनिल चौधरी, बेबीरानी मौर्या, हेमलता दिवाकर, डा. रामबाबू हरित, हेमेंद्र शर्मा, अशफाक सैफी, मनोज शर्मा, संदीप उपाध्याय आदि मौजूद थे।
संगठन ने बनाई दूरी
जनसमस्या पर भी भाजपा एकजुट दिखाई नहीं दी। कठेरिया के अनशन के दौरान महानगर टीम के पदाधिकारी नजर नहीं आए। सिर्फ कठेरिया के लोग वहां मौजूद थे। एक-दो पदाधिकारी को छोड़कर महानगर अध्यक्ष सहित पूरी टीम नदारद रही। अनशन स्थल पर यह चर्चा का विषय रहा।
दिखाए काले झंडे
शिवनगर के कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाकर कठेरिया का विरोध भी किया। उनका कहना था कि कठेरिया जब तक केंद्र सरकार में मंत्री थे, एक बार भी क्षेत्र में नहीं आए। प्रदर्शनकारियों ने कठेरिया पर कमीशन के लिए अनशन का आरोप लगाया। बलीसेर, इश्तियाक खां, अनीस सैफी, इमरान, संजीव कुमार, राकेश वाल्मीकि आदि मौजूद थे।