‘सूबे के मुख्यमंत्री आगरा में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनवाना चाहते हैं।’ यह कहते हुए एक सप्ताह पहले प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक सिंघल शहर के पर्यटन उद्यमियों, जूता निर्यातकों और राजनीतिज्ञों के सामने आगरा में एयरपोर्ट की संभावनाएं जता चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्यवाही इस मामले में शुरू तक नहीं हो पाई है। एयरपोर्ट के हक के लिए शहर से लेकर देहात तक के लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर मुख्यमंत्री आगरा में एयरपोर्ट के लिए राजी हैं तो फिर ऐसा कौन है जो एयरपोर्ट के लिए अड़ंगा डाल रहा है। डीएम आगरा पंकज कुमार के मुताबिक स्थानीय स्तर पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जो भी होगा, लखनऊ स्तर लेवल से ही होगा।
सैफई में राज्य पक्षी सारस के लिए घातक एयरपोर्ट
सिविल सोसायटी ने सैफई में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्ताव को ही राज्य पक्षी सारस के लिए घातक माना है। सोसायटी के मुताबिक, मौजूदा एयर स्ट्रिप ही वेटलैंड और समान पक्षी विहार के सारसों के लिए खतरनाक है। देश की स्वतंत्र एजेंसी सैफई एयर स्ट्रिप से पर्यावरण पर अध्ययन करे और इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए। एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री सारस फेस्टिवल करा रहे हैं, दूसरी तरफ सारस के समान पक्षी विहार पर एयरपोर्ट बनवाकर पर्यावरण से खिलवाड़ कर रहे हैं। सैफई में एयरपोर्ट जनता के धन की बर्बादी है।
राइट्स की साख को गहरा धक्का
राइट्स (रेल इंडिया टेकिभनकल एंड इकोनोमिक सर्विसेज) के चेयरमैन को सिविल सोसाइटी के अनिल शर्मा ने पत्र लिखकर सैफई और भदरौली की सर्वे रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने सवाल उठाया कि सैफई से एकदम सटे समान बर्ड सेंक्चुरी और सारस के घर वेटलैंड को राइट्स ने अपने सर्वे में कैसे उपेक्षित कर दिया। राइट्स की दुनिया भर में साख है। राजनीति से प्रेरित ऐसे सर्वे से साख को गहरा धक्का लगेगा। रेल मंत्री और प्रधानमंत्री से राइट्स के राजनीतिक प्रभावित सर्वे पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
एयरपोर्ट के लिए पिनाहट में होगा आंदोलन
इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए भदरौली की जगह सैफई को चुनने के बाद पिनाहट क्षेत्र के लोग खुद का ठगा सा महसूस कर रहे हैं। विकास से दूर इस क्षेत्र को एयरपोर्ट के सर्वे में पहली बार लगा कि किस्मत बदल सकती है, लेकिन सैफई के एलान के बाद लोगों में आक्रोश है। जन्माष्टमी पर पिनाहट क्षेत्र के दर्जनों गांव बरपुरा, पिढ़ौरा, बलाई, राठौटी, विजयगढ़ी, भदरौली, गोपालपुरा, गजौरा, स्याहीपुरा आदि के लोगों ने बरपुरा में बैठक कर अपना हक मांगा।
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से भदरौली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की मांग की। संतोष वर्मा के साथ ग्रामीणों ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए किसान अपनी जमीनें देने को तैयार हैं। अगर आगरा का एयरपोर्ट इटावा के सैफई में बनाया गया तो पिनाहट के लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के रुख को लेकर नाराजगी रही। वक्ताओं ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं। एयरपोर्ट आगरा में बनाने का ऐलान न हुआ तो सपा को इसका जवाब दिया जाएगा। बैठक में राम प्रकाश, महेश वर्मा, राजवीर परिहार, रामदीन कुशवाह, लल्ला बाबू परिहार, गणेश वर्मा, श्यामलाल जाटव, प्रमोद सविता, निजाम खान, राजवीर बघेल, राम शंकर, राम किशोर, रामौतार वर्मा आदि मौजूद रहे।
नगर निगम सदन सर्वसम्मति से इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आगरा में पास कर शासन को प्रस्ताव भेज चुका है। शहर के साथ पहली बार गांव तक एयरपोर्ट की आवाज उठी है। जनता जागी है तो सरकार को सुनना ही होगा। उम्मीद है मुख्यमंत्री के कानों तक आवाज जरूर पहुंचेगी।
शिरोमणि सिंह, नेता पार्षद दल, कांग्रेस
‘एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कई मापदंड होते हैं। एयर ट्रैफिक, कैचमेंट एरिया आदि। टूरिज्म इंडस्ट्री ने यह दलील दी थी कि एटीएफ पर लगने वाला वैट 21 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत कर दिया जाए तो आगरा में फ्लाइट आने लगेंगी, लेकिन दरें चार फीसदी होने पर भी फ्लाइट नहीं आईं। क्यों नहीं आईं, इस पर गहन चिंतन होना चाहिए।’
विपुल पुरोहित
मनोरंजन कर सलाहकार