सराफा कारोबारी को धमकी देने वालों को व्यापारी के दुकान पर नहीं आने और घर से निकलने की जानकारी मिल रही थी। इससे किसी जानकार और मोहल्ले के ही व्यक्ति के शामिल होने का शक हुआ। इस पर सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गेमिंग एप से 12.50 करोड़ की ठगी करने वाले साइबर अपराधी बनकर मलपुरा के बेकरी संचालक और जमीन मालिक ने सराफा कारोबारी से 2.50 करोड़ की रंगदारी मांगी। मथुरा के साइबर ठग और कस्बा के माैलाना के साथ मिलकर धमकी दी। व्हाटसएप पर प्राइवेट नेटवर्क की मदद से मैसेज किए। एप की मदद से काल कर धमकाया। आडियो क्लिप तक भेजीं। परिवार वालों को भी धमकाया। दहशत में आए कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वह ज्वेलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटना को आधार बनाकर रकम मांग रहे थे।
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गांव ककुआ निवासी प्रमोद कुमार की मलपुरा बाजार में सोने-चांदी के जेवरात की दुकान है। इसके अलावा भी पेट्रोल पंप और ईंट भट्ठे का कारोबार हैं। 19 फरवरी की रात को जेवरात दुकान की दीवार तोड़कर चोर घुस गए थे। तिजोरी को तोड़ने का प्रयास किया था। मगर सफल नहीं हो सके। सोने-चांदी के गहनों के साथ चोर सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी ले गए थे। पुलिस ने जांच की। जेवरात चोरी की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
23 फरवरी को कारोबारी के व्हाटसएप नंबर पर एक मैसेज आया। इसमें लिखा था कि तुम्हारी दुकान में चोरी हुई है। इसमें कुछ माल नहीं गया है। माल जा भी सकता था। मैसेज करने वाले ने अपने बारे में भी लिखा कि वो अब तक गेमिंग एप की मदद से 12.50 करोड़ कमा चुके हैं। हम बड़े अपराधी है। हमें हल्के में मत लेना। अगर अपनी सलामती चाहते हो तो 2.50 करोड़ रुपये का इंतजाम कर लो। मैसेज देखकर कारोबारी डर गए। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। परिवार के अन्य सदस्यों के नंबरों पर भी कॉल कर जान से मारने की धमकी दी। उन्हें व्हाटस एप पर आडियो क्लिप और धमकी भरे वीडियो भी भेजे गए। हर बार यही बोला गया कि सलामती चाहते हो तो रुपये तैयार रखो।
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सर्विलांस की मदद से पकड़े गए आरोपी
एसीपी डा. सुकन्या शर्मा ने बताया कि धमकी की जानकारी मिलने पर टीम को लगाया गया। पता चला कि धमकी देने वालों को व्यापारी के दुकान पर नहीं आने और घर से निकलने की जानकारी मिल रही थी। इससे किसी जानकार और मोहल्ले के ही व्यक्ति के शामिल होने का शक हुआ। इस पर सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। इसके बाद मास्टरमाइंड धनौली निवासी इमाम लतीफउर्हमान को पकड़ लिया गया। उसके साथ ककुआ निवासी हृदेश, सैंया के वीरई गांव निवासी गौरव शर्मा और मथुरा निवासी धीरज को गिरफ्तार कर लिया। उनसे एक कार, छह मोबाइल फोन और व्हाट्स चेट मिलीं।
2 लाख रुपये का कर्ज चुकाना चाहता था बेकरी संचालक
एसीपी ने बताया कि आरोपी गाैरव शर्मा पीड़ित कारोबारी का परिचित है। उसने कारोबारी को अपनी जमीन किराये पर दे रखी है जिस पर वो पेट्रोल पंप संचालित करते हैं। गाैरव का दोस्त हृदेश बेकरी चलाता है। उस पर 2 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। वह कर्ज चुका नहीं पा रहा था। इसलिए उसने गाैरव से बात की। कहा कि वह कारोबारी प्रमोद कुमार को धमकाकर रकम ले सकते हैं। इसके लिए वो माैलाना इमाम लतीफउर्हमान से मिले। माैलाना पर हृदेश के 60 हजार रुपये थे। इसमें अपने दोस्त मथुरा निवासी धीरज को भी शामिल कर लिया। उन्हें लग रहा था कि कारोबारी डर जाएगा। आराम से रकम मिल जाएगी। इसे बराबर आपस में बांट लेंगे।
वीपीएन का किया प्रयोग, भोजपुरी में भेजते थे आडियो
पुलिस ने बताया कि धीरज ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क से व्हाटस एप पर मैसेज किया। एक पेज पर धमकी लिखकर फोटो खींचकर भेजा था। इसके साथ ही धमकी देने के लिए लाइन प्लस एप और जस्ट कॉल एप का प्रयोग करते थे। धमकी के लिए कागज पर लिखते थे। बाद में इन पत्रों को आरोपी चबाकर नष्ट कर देते थे। आडियो क्लिक भेजकर भी धमकी दी। आडियो क्लिप भोजपुरी भाषा में बनाई थीं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि उन पर भारी कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उन्होंने इस रंगदारी की साजिश रची। पुलिस ने चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।