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Agra University: भ्रष्टाचार में फंसे पूर्व कुलपति अरविंद दीक्षित, विजिलेंस ने जब्त की 300 पेज की रिपोर्ट

Sat, 10 Dec 2022 09:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन साल के कार्यकाल की 20 बिंदुओं पर रिपोर्ट सौंपी है।  भवन निर्माण, खरीद, कॉलेजों को मान्यता, नियुक्तियां समेत कई अन्य मामले हैं।
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डॉ. अरविंद दीक्षित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक और पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित भ्रष्टाचार की जांच में फंस गए हैं। विजिलेंस इनके कार्यकाल में हुए निर्माण कार्य, खरीद समेत अन्य की जांच के लिए विश्वविद्यालय से साक्ष्य जुटाए हैं। टीम ने विश्वविद्यालय से करीब 300 पेज की रिपोर्ट जब्त की है। 

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डॉ. अरविंद दीक्षित दिसंबर 2016 से फरवरी 2020 तक विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। भवन निर्माण, नियुक्तियां, फर्नीचर खरीद, संबद्धता समेत अन्य मामलों में वित्तीय अनियमितताओं और कमीशनखोरी की विजिलेंस जांच चल रही है। शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने इनके कार्यकाल में योजनाओं के नाम, बजट, बिल, भुगतान समेत अन्य जानकारी की रिपोर्ट जब्त की। ये करीब 300 पेज की है, जिसमें 20 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट है। इसमें योजना का नाम, कितना बजट है, किस मद में खर्च हुआ। इसका प्रस्ताव किसने बनाया समेत अन्य ब्योरे हैं। 

इन मामलों में चल रही है जांच:

- करीब 80 करोड़ रुपये के भवन बिना जरूरत के बनवाए। इनका नक्शा तक पास नहीं करवाया। 
- परिणाम बनाने वाली कंपनी के परीक्षा संबंधी अधूरे कार्य पर भुगतान कराए। 
- संविदा पर अपने चहेते लोगों को नियुक्त किया, मनमानी वेतन भी दिया, बाउंसर भी रखे। 
- संस्कृति भवन और शिवाजी मंडपम के निर्माण और फर्नीचर में घोटाला और फर्जीवाड़ा। 
- चार करोड़ रुपये से बने पीएचडी रिसोर्स सेंटर और हेल्थ रिक्रिएटिव सेंटर का निर्माण 


मांगने पर रिकॉर्ड देंगे

कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 'पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की विजिलेंस जांच हो रही है। शुक्रवार को 20 बिंदुओं पर रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के लिए विजिलेंस को और रिकॉर्ड मांगने पर उपलब्ध कराएंगे।' 

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कार्यकाल से पहले का मामला

कुलपति  प्रो. आशु रानी ने बताया कि 'विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित पर विजिलेंस की जांच उनके कार्यकाल से पहले की है। इस संदर्भ में जो भी रिपोर्ट और साक्ष्य विजिलेंस मांग रही है, उसे कुलसचिव के जरिये उनको दिया जा रहा है।' 
 

विजिलेंस के सामने पक्ष रखूंगा

पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने बताया कि 'मैंने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय का कोष डेढ़ गुना बढ़ाया। संबद्धता, परीक्षा शुल्क समेत अन्य मामलों में पारदर्शिता भी अपनाई। द्वेष भावना से शिकायत की है, विजिलेंस जांच कर रही है। विजिलेंस के समक्ष अपना पक्ष भी रखूंगा।'

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