किसानों के पास आलू बेचने का समय नहीं है। पूर्व विधायक ठाकुर सूरजपाल और भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिला प्रशासन आगरा के आलू किसानों को 30 नवंबर तक निकासी का समय दे, अन्यथा समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि वह किसानों का नुकसान नहीं होने देंगे।
पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, ठाकुर सूरजपाल और भगवान सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में सोमवार को सैकड़ों किसानों ने आलू निकासी की समस्या को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करके जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पूर्व विधायकों ने कहा कि आलू निकासी के लिए किसानों को 30 नवंबर तक का समय दिया जाए।
विज्ञापन
डॉ. धर्मपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के शीतगृहों से आलू की निकासी की तारीख 31 अक्तूबर निर्धारित करने से किसान परेशानी में हैं। पिछले साल 30 नवंबर तक की मोहलत किसानों को दी गई थी। इस वक्त आलू की बुवाई का समय है। किसानों के पास आलू बेचने का समय नहीं है।
पूर्व विधायक ठाकुर सूरजपाल और भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिला प्रशासन आगरा के आलू किसानों को 30 नवंबर तक निकासी का समय दे, अन्यथा समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि वह किसानों का नुकसान नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
इस दौरान रघुवीर सिंह परमार, सूबेदार वर्मा, धर्मेंद्र सिंह प्रधान, प्रकाश जूरैल, मनोज वर्मा, भूरा पंडित, करतार सिंह, संजीव चौधरी, अर्जुन सिंह धाकरे, बंटी चौहान, मनवीर सिंह चौहान, साहूकार सिंह, बलवीर सिंह, मवासीराम, दीपक चौहान, कृपाल सिंह, अविनाश चौधरी, लाल कुमार चौहान, रामगोपाल राठौर, प्रेम सिंह वर्मा, सोमवीर, रामप्रसाद त्यागी, कर्मवीर सिंह, पप्पू त्यागी, रामनारायन सिंह, रोहन सिंह, विजेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
विधायक बोले, मोहलत मिल चुकी, कुछ लोग भ्रम फैला रहे
एत्मादपुर के भाजपा विधायक रामप्रताप सिंह चौहान, ग्रामीण की हेमलता दिवाकर और फतेहाबाद के जितेंद्र वर्मा सोमवार सुबह डीएम से मिले। उन्होंने कहा कि किसानों को आलू निकासी के लिए 30 नवंबर का समय दिया जाना चाहिए। इस संबंध में पहले भी वार्ता हो चुकी है।
प्रशासन ने यह कहा था कि आलू किसानों को समय दिया जाएगा। कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि किसानों को समय नहीं दिया जा रहा है। राम प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि डीएम ने कहा कि किसानों पर कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने का कोई न तो दबाव बना रहा है और न ही बनाएगा।
डीएम ने कहा, सख्ती सिर्फ जमाखोरों पर
डीएम प्रभु एन सिंह ने स्पष्ट किया कि आलू निकासी की सख्ती सिर्फ जमाखोरों पर की जा रही है, किसानों को राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि 85 फीसदी आलू की निकासी हो चुकी है। लगभग नौ फीसदी आलू किसानों का है जो बीज के लिए रखा गया है।
बुवाई चल भी रही है। जिन लोगों ने आलू की जमाखोरी की है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। किसानों पर आलू निकासी के लिए सख्ती नहीं है। प्रशासन की कोशिश आलू का रेट 30 रुपये प्रति किलो लाने की है ताकि आम आदमी को राहत मिले। यह तभी मुमकिन है जब जमा किया गया आलू बाहर आए।