आगरा। कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व डिप्टी मैनेजर रजत कुमार पर ऋण की किस्तें वसूलकर बैंक में जमा न करने का आरोप है। उन पर ग्राहकों को फर्जी रसीदें देने और 42,400 रुपये की धोखाधड़ी का भी आरोप है।
बैंक के अधिकृत प्रतिनिधि पंकज ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर हरीपर्वत थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। बेलनगंज निवासी रजत कुमार को 25 अक्तूबर 2024 को डिप्टी मैनेजर नियुक्त किया गया था। वह ऋण पर खरीदे गए वाहनों की बकाया किस्तें वसूलने का काम करते थे।
उन्होंने 18 अगस्त 2025 को इस्तीफा दिया और 15 नवंबर 2025 को कार्यमुक्त हुए। एक ऋणी ममता की शिकायत मिलने पर बैंक को इस गड़बड़ी का पता चला। एसीपी हरीपर्वत बजरंग प्रसाद ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।