कर्मचारी और निजी कालेज संचालकों के आमने-सामने आने पर सचल दल का गठन टल गया। शुक्रवार को इनका गठन होना था। टकराव की आशंका होने पर परीक्षा नियंत्रक ने भी कदम पीछे खींच लिए। इधर कुलपति भी अवकाश पर चले गए हैं। बिना सचल दल के ही डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा 28 मार्च से चल रही हैं। बता दें कि कुलपति ने कर्मचारी संघ की मांग पर सचल दल में कर्मचारियों को शामिल करने की मांग स्वीकार कर ली थी। निजी कालेज संचालकों ने गुरुवार को कुलपति आवास में तोड़फोड़ कर हंगामा किया। संचालकों ने कर्मचारियों को शामिल करने पर सचल दल को कालेज में न घुसने देने का एलान किया था। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह ने बताया कि कुलपति अवकाश पर हैं, अब उनके आने पर ही सचल दल के गठन पर निर्णय होगा।
छात्रों से नहीं हो पाएगी उगाही, इसलिए कर रहे विरोध
कर्मचारी अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि कुछ निजी कालेज संचालक गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। उनको विश्वविद्यालय के कार्य में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं। विरोध करने वाले अधिकांश कालेजों ने विश्वविद्यालय की फीस नहीं भरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी सचल दल में शामिल हुए तो उनकी छात्रों से नकल के लिए उगाही पकड़ में आ जाएगी।
दागी कालेज कर रहे सचल दल का विरोध
एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस कालेज के अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने प्रदर्शन करने वाली संस्था को गलत बताया। कहा कि उनकी एसोसिएशन 1996 से संचालित है। सचल दल का विरोध वह कालेज ही कर रह हैं, जिनका यहां सामूहिक नकल पकड़ी गई थी।
सबसे बड़ी है हमारी संस्था
प्राइवेट कालेज एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश चौधरी का कहना है कि हमारी संस्था सबसे बड़ी है। इसमें 250 कालेज संचालक सदस्य हैं। जिस संस्था के रामेश्वर चौधरी अध्यक्ष हैं, उसमें बीएड के 11 कालेज हैं। हम पर आरोप लगाने वाले खुद ऐसे कार्यों में लिप्त हैं।