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काम कराए नहीं, खाते से निकाल ली 55 लाख की धनराशि

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12एमएनपी-40-सगामई में सड़क के किनारे लगे कूड़े के ढेर - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। ग्राम पंचायतों में संक्रामक रोगों की रोकथाम और साफ-सफाई के लिए धनराशि भेजी गई थी। प्रधान और एएनएम ने कार्य योजना पर बिना काम कराए ही स्वच्छता निधि खाते से 55 लाख की धनराशि निकाल ली। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत विभागीय अफसरों से की है।
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मामले में सीएमओ ने शिकायत के आधार पर चिकित्साधीक्षकों को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। 552 ग्राम पंचायतों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण अंचल में संक्रामक रोगों की रोकथाम में सहयोग के लिए ग्राम पंचायत को भी अपना सहभागी बनाया है।
इसके लिए शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में स्वच्छता निधि का खाता खोला गया है। जिले की 552 ग्राम पंचायतों के स्वच्छता निधि के खाते में 10-10 हजार रुपये के हिसाब से कुल 55 लाख 20 हजार की धनराशि तीन महीने पहले भेजी गई थी। ग्राम पंचायतों में धनराशि का सदुपयोग नहीं किया गया।
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इसका नतीजा रहा है कि गांवों में आज भी गंदगी का आलम है। साफ-सफाई न होने के कारण मच्छर पनप रहे हैं। वहीं, संक्रामक रोग बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत
ग्राम स्वच्छता निधि का दुरुपयोग न हो सके इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम के साथ ग्राम प्रधान को सह खातेदार बनाया है। इसके बाद भी एएनएम और ग्राम प्रधान मिलकर स्वच्छता निधि के लिए भेजी गई धनराशि का बंदरबांट कर रहे हैं।
ग्रामीण अंचल में संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए यह धनराशि भेजी जाती है। इस धनराशि से ग्राम प्रधान और एएनएम को मिलकर गांवों में सफाई कराना, मच्छरों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव कराना, जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कराना आदि शामिल है। ग्राम प्रधान और एएनएम इन व्यवस्थाओं की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग तीन महीने पहले ही धनराशि भेज चुका है, जिससे बरसात के बाद ग्रामीण अंचल में बीमारियां न फैलें। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर चिकित्साधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर से जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। यदि धनराशि का दुरुपयोग किया गया है तो जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई कराई जाएगी। एएनएम यदि दोषी पाई जाती हैं तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होगी। -डॉ. एके पांडेय, सीएमओ
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