मैनपुरी। वन विभाग में 17 लाख रुपये के वित्तीय गोलमाल और टेंडरिंग में की गई अनियमितता का मामला अमर उजाला ने उजागर किया था। अब यह विधानसभा तक पहुंच गया है। किशनी से सपा विधायक ब्रजेश कठेरिया ने विधानसभा के सभापति को पत्र लिखा है। विधायक का कहना है कि कमेटी के समक्ष वन विभाग ने स्पष्ट रिपोर्ट नहीं पेश की तो मामला सदन में भी उछाला जाएगा।
वन विभाग में सामाजिक वानिकी योजना सामान्य में 17 लाख रुपये का गोलमाल हुआ है। विधायक का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से सामाजिक वानिकी सामान्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए दिए गए 5 करोड़ 99 लाख 12 हजार रुपये में से 5 करोड़ 82 लाख 10300 रुपया खर्च होने का विभाग के पास रिकॉर्ड है। मगर, बाकी का 17 लाख 1 हजार 700 रुपये रुपया कहां गए।
इसका कोई हिसाब नहीं है। जबकि इस मद में धनराशि भी शून्य है। इस संबंध में आरटीआई दाखिल कर एक सूचना भी मांगी गई। मगर, विभाग ने सूचना नहीं दी है। इसके अलावा सामाजिक वानिकी एससीएसपी योजना के तहत दलित बाहुल्य रेंज किशनी में पौधरोपण के लिए नियमों का ताक पर रखकर शर्तों के विपरीत गड्ढा खुदान का ठेका किया गया। इस मामले में विभाग के एक बाबू पर गाज गिर चुकी है। बाबू को हाथरस प्रभाग से संबद्ध कर दिया गया है।
वन मंत्री भी ले चुके हैं संज्ञान
प्रदेश के वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना भी इस मामले में संज्ञान ले चुके हैं। उन्होंने मामले की जांच की बात कही है। 17 लाख के गोलमाल की अमर उजाला में 23 मई और टेंडरिंग में की गई अनियमितता की खबर 25 मई को छपने के बाद शासन तक मामला पहुंचने के बाद यह हलचल मची है।
बयान
अमर उजाला का धन्यवाद, जिसने इस मामले को उजागर किया। विधानसभा के सभापति को इस संबंध में पत्र लिखा है। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को भी लिखा गया है।
- ब्रजेश कठेरिया, विधायक किशनी