संसदीय कमेटी ने एक्सप्रेसवे पर बताई थी पेड़ों की जरूरत
ताजमहल के पीलेपन के संबंध में बनाई गई अश्वनी कुमार की अध्यक्षता वाली राज्यसभा की संसदीय कमेटी ने आगरा दौरे में स्पष्ट कहा था कि यमुना एक्सप्रेसवे पर पेड़ नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक ने भी अपनी रिपोर्ट में पाया कि 25,752 पौधे लगाने का दावा किया गया है, लेकिन पांच फीसदी पौधे भी यहां नहीं दिखाई दे रहे। इन रिपोर्ट के बाद वन विभाग ने 24 हजार पेड़ लगाने के लिए 18.66 करोड़ रुपये का नोटिस दिया।
एक्सप्रेसवे के किनारे जेपी इन्फ्राटेक को पौधे लगाने थे, लेकिन यहां पौधे नहीं लगे हैं। नियम के मुताबिक पौधरोपण के लिए जेपी इन्फ्रा को 18.66 करोड़ रुपये देने होंगे। एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर 24 हजार पेड़ लगाने हैं।
-जावेद अख्तर (वन संरक्षक, आगरा जोन)
इस दौरान ये अधिकारी रहे तैनात
यमुना एक्सप्रेस वे के बनने के दौरान से लेकर नोटिस भेजे जाने के बीच आगरा में वन संरक्षक के पद पर विभाष रंजन, सुनील चौधरी, विष्णु सिंह, विश्वजीत बनर्जी, पीपी सिंह और रमेश कुमार पांडेय तैनात रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने नियमों में ढील का फायदा उठाया और पौधे नहीं लगाए। इस दौरान मॉनीटरिंग भी लचर रही।