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पेड़ न लगाने पर जेपी इन्फ्रा से होगी 18 करोड़ की वसूली

Tue, 04 Jun 2019 07:28 AM IST
राजेश सैनी अमित कुलश्रेष्ठ, आगरा

सार

-यमुना एक्सप्रेसवे पर जेपी इन्फ्राटेक ने नहीं लगाए पौधे, वन विभाग ने भेजा नोटिस
-आगरा, मथुरा में जेपी को डिवाइडर पर लगाने थे झाड़ीदार और किनारों पर छायादार पेड़
-दस दिन में पैसे जमा करने का वक्त दिया
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फाइल फोटो
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विस्तार
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नोएडा से आगरा तक 165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर आठ साल में भी हरियाली नहीं पनपी तो इसे बनाने वाली कंपनी जेपी इन्फ्राटेक से 18.66 करोड़ रुपये की वसूली के लिए वन विभाग ने नोटिस जारी किया है। छह लेन के यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर जेपी इन्फ्राटेक को 24 हजार पेड़ लगाने थे। वन विभाग ने धनराशि जमा करने के लिए कंपनी को दस दिन का वक्त दिया है।

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अगस्त, 2012 में यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों ने फर्राटा भरना शुरू कर दिया था। 2011-12 में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और प्रदेश सरकार के वन विभाग के साथ हुए करार के मुताबिक जेपी इन्फ्राटेक को 9.123 हेक्टेयर वन भूमि के बदले 24 हजार पेड़ लगाने थे। एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर 2-3 लेयर में छायादार पौधे और सेंट्रल बर्ज पर झाड़ीदार पौधे लगाए जाने थे। जेपी इन्फ्राटेक ने सेंट्रल बर्ज पर झाड़ीदार पौधे लगाए हैं, लेकिन किनारों पर पौधे नहीं लगाए। वन विभाग की कमेटियों के निरीक्षण में एक्सप्रेसवे पर पौधे नहीं लगे पाए गए तो 2018 में यह मामला फिर खुल गया।

प्रदेश स्तर पर चर्चा के बाद आगरा जोन के वन संरक्षक जावेद अख्तर ने जेपी इन्फ्राटेक से 18.66 करोड़ रुपये की वसूली के लिए नोटिस भेजे हैं। वन विभाग इस रकम से एक्सप्रेसवे के किनारे खुद पेड़ लगवाएगा। कंपनी के कार्रवाई न करने पर अपर प्रधान वन संरक्षक अभय कुमार सिंह ने जेपी इन्फ्राटेक को दस दिनों में पैसे जमा कराने के लिए लिखा है। कंपनी के पैसे जमा न करने पर प्रदेश शासन ही कार्रवाई तय करेगा।

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संसदीय कमेटी ने एक्सप्रेसवे पर बताई थी पेड़ों की जरूरत

संसदीय कमेटी ने एक्सप्रेसवे पर बताई थी पेड़ों की जरूरत
ताजमहल के पीलेपन के संबंध में बनाई गई अश्वनी कुमार की अध्यक्षता वाली राज्यसभा की संसदीय कमेटी ने आगरा दौरे में स्पष्ट कहा था कि यमुना एक्सप्रेसवे पर पेड़ नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक ने भी अपनी रिपोर्ट में पाया कि 25,752 पौधे लगाने का दावा किया गया है, लेकिन पांच फीसदी पौधे भी यहां नहीं दिखाई दे रहे। इन रिपोर्ट के बाद वन विभाग ने 24 हजार पेड़ लगाने के लिए 18.66 करोड़ रुपये का नोटिस दिया।

एक्सप्रेसवे के किनारे जेपी इन्फ्राटेक को पौधे लगाने थे, लेकिन यहां पौधे नहीं लगे हैं। नियम के मुताबिक पौधरोपण के लिए जेपी इन्फ्रा को 18.66 करोड़ रुपये देने होंगे। एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर 24 हजार पेड़ लगाने हैं। -जावेद अख्तर (वन संरक्षक, आगरा जोन)

इस दौरान ये अधिकारी रहे तैनात
यमुना एक्सप्रेस वे के बनने के दौरान से लेकर नोटिस भेजे जाने के बीच आगरा में वन संरक्षक के पद पर विभाष रंजन, सुनील चौधरी, विष्णु सिंह, विश्वजीत बनर्जी, पीपी सिंह और रमेश कुमार पांडेय तैनात रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने नियमों में ढील का फायदा उठाया और पौधे नहीं लगाए। इस दौरान मॉनीटरिंग भी लचर रही।

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