मथुरा गोवर्धन में गिरिराज पर्वत की शिलाओं के बीच स्थापित पौधों को हरा-भरा बनाए रखने के लिए वन विभाग ड्रिप स्प्रिंकलर सिस्टम का सहारा ले रहा है। पर्वतीय क्षेत्र की सिंचाई के लिए वन विभाग ने ड्रिप स्प्रिंकलर सिस्टम ट्रायल को करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में लगाया है। परिणाम बेहतर आने पर संपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है।
रविवार को वन विभाग ने गिरिराज पर्वत पर ड्रिप स्प्रिंकलर सिस्टम का ट्रायल किया। निजी संस्था के सहयोग से इस ट्रायल में गिरिराज पर्वत पर 50 ड्रिप स्प्रिंकलर लगाकर पौधों की सिंचाई कराई जा रही है। अब इसे संपूर्ण पर्वत के ऊपर बिछाया जाने की योजना है। इसके लगने से कम पानी में पौधों की सिंचाई से हरियाली बढ़ने के अलावा पर्वत की शिलाएं भी संरक्षित करने में सहायक होगी। गिरिराज पर्वत पर सिंचाई के अभाव में पौराणिक धौ, करील, पीलू, नीम, कदंब, तमाल, बर पीपल आदि के पौधे पतझड़ हो रहे हैं।
इन पौधों को संभालने के लिए गिरिराज पर्वत पर वन विभाग ने फिलहाल यह व्यवस्था की है। इसे गिरिराज परिक्रमा क्षेत्र में दो स्थानों पर करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में लगाया गया है। माना जा रहा है कि पर्वतीय क्षेत्रों में छिड़काव सिंचाई प्रणाली यानी स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली बेहद कारगर साबित होती हैं। सिंचाई की इस पद्धतियों से कम पानी में पौधों को संरक्षित किया जा सकता है। अब प्लानिंग गिरिराज पर्वत क्षेत्र के करीब 15 किमी के एरिया में ड्रिप स्प्रिंकलर लगाने की है। इसके लिए वन विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। शासन की मंजूरी के बाद जल्द ही गिरिराज पर्वत पर ड्रिप स्प्रिंकलर (फव्वारे) से पौधों की सिंचाई कर संरक्षित किया जाएगा।
ड्रिप स्प्रिंकलर पाइप लाइन के माध्यम से पानी की वर्षा निरंतर की जाती है। वह फिर स्प्रे हेड के माध्यम से हवा और पूरी मिट्टी की सतह पर छिड़का जाता है, जिससे पानी भूमि पर गिरने वाले पानी की छोटी बूंदों में बंट जाता है। पानी सीधे पौधे की जड़ों में आपूर्ति करता है। पानी और पोषक तत्व उत्सर्जक से, पौधों की जड़ क्षेत्र में से चलते हुए गुरुत्वाकर्षण और कोशिका के संयुक्त बलों के माध्यम से मिट्टी में जाते हैं। इस प्रकार, पौधों की नमी और पोषक तत्वों की कमी को तुरंत ही पुन: प्राप्त किया जा सकता है। यह सुनिश्चित करते हुए कि पौधे में पानी की कमी नहीं होगी।
मथुरा के सहायक प्रभागीय वन अधिकारी प्रभाकांत पांडेय ने बताया कि गिरिराज पर्वत पर पौधों की सिंचाई एवं संरक्षण के लिए वन विभाग ने निजी संस्था के सहयोग से कुछ ड्रिप स्प्रिंकलर लगवाए हैं। ये तकनीकी बेहद कारगर है। पूरे पर्वत क्षेत्र में इसे लगवाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।