आगरा के कांशीराम आवास से गिरकर युवक की माैत के मामले में शुक्रवार को सच जानने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक घटनास्थल पर पहुंचे। क्राइम सीन का दोहराव किया। युवक के वजन के बराबर के पुतले को दूसरी मंजिल से गिराया। अब पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार है।
शास्त्रीपुरम स्थित कांशीराम आवास योजना (सिकंदरा) में 11 फरवरी की रात सागर (28) की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हुई थी। परिजन का आरोप है कि धक्का देकर हत्या की गई थी। सेक्टर 3, आवास विकास कालोनी निवासी सागर एक कंपनी में डिलीवरी ब्वाॅय था। 11 फरवरी की रात अपने दोस्त सचिन के साथ महिला मित्र के घर बर्थडे पार्टी में गया था।
रात डेढ़ बजे कांशीराम आवास की रहने वाली हेमा ने पुलिस को सागर के दूसरी मंजिल से गिरने की सूचना दी। सागर के भाई आशीष ने हत्या का केस दर्ज कराया था। हेमा, मोहम्मदपुर के सनी व मंजू पर हत्या का आरोप है। मंजू और हेमा पड़ोसी हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं हुई थी। विसरा सुरक्षित रखा गया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि महिला के बयान लिए थे। उसका कहना था कि सचिन नशे में था। वह दूसरी मंजिल से गिर पड़ा। घटना का सच जानने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम बुलाई गई। इसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
पांच घंटे तक पड़ताल, जुटी भीड़
सागर के बालकनी से गिरने की बात कही गई थी। उस पर लोहे की रेलिंग लगी है। उसकी ऊंचाई करीब ढाई फीट है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों की टीम पांच घंटे तक घटनास्थल पर रही। मृतक जिस जगह पड़ा मिला था, उस जगह को चिह्नित कर उसके वजन का पुतला ऊपर से गिराया गया। सात से आठ बार पुतला गिराया गया। क्राइम सीन के दोहराव के दौरान लोगों की भीड़ जुट गई।